मुरादाबाद: बच्चों और अभिभावकों को दीक्षा एप से जोड़ेंगे शिक्षक
मुरादाबाद, अमृत विचार। परिषदीय स्कूल के शिक्षक अब गांव में घर-घर जाकर नौनिहालों व उनके अभिभावकों दीक्षा एप के बारे में जानकारी देंगे। एप को बढ़ावा देने और अधिक से अधिक प्रयोग में लाकर बच्चों की पढ़ाई को प्रभावित होने से रोकने के लिए शिक्षक इसके लिए अभिभावकों को प्रेरित करेंगे। हर एक शिक्षक अपने …
मुरादाबाद, अमृत विचार। परिषदीय स्कूल के शिक्षक अब गांव में घर-घर जाकर नौनिहालों व उनके अभिभावकों दीक्षा एप के बारे में जानकारी देंगे। एप को बढ़ावा देने और अधिक से अधिक प्रयोग में लाकर बच्चों की पढ़ाई को प्रभावित होने से रोकने के लिए शिक्षक इसके लिए अभिभावकों को प्रेरित करेंगे। हर एक शिक्षक अपने विद्यालय से जुड़े गांव में आसपास के दस छात्रों व अभिभावकों को दीक्षा एप से जोड़कर उसके उपयोग और गतिविधियों की जानकारी देंगे। वहीं शिक्षकों को इसकी हर दिन की रिपोर्ट तैयार कर विभाग को सौंपनी होगी।
संक्रमण के चलते शासन की ओर से फिलहाल को दिशा निर्देश नहीं मिले हैं। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो इसको देखते हुए शिक्षा विभाग की ओर से बच्चों की पढ़ाई को ऑनलाइन माध्यम से जारी रखा गया। शासन की ओर से परिषदीय स्कूलों में बच्चों को अब दीक्षा एप के जरिए पढ़ाई कराने के आदेश मिले हैं। ऐसे में दीक्षा एप को ओर बढ़ावा देने और उसका उपयोग बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग ने योजना बनाई है। इसमें शिक्षक अपने विद्यालय और आसपास के छात्र और उनके अभिभावकों को इस एप से जोड़कर उन्हें उसके इसके बारे में जानकारी देंगे। बता दें कि दीक्षा एप पर चार हजार से अधिक वीडियो कंटेंट के साथ कक्षावार पाठ्यक्रम उपलब्ध है। शासन ने आदेश जारी कर कम से कम दस छात्रों-अभिभावकों को दीक्षा एप डाउनलोड करने और उसका उपयोग कराने के लिए निर्देशित किया है।
चित्रों के माध्यम से बच्चों को समझाएगा ये एप
दीक्षा एप में कक्षा एक से आठ तक सभी विषयों के पाठ्यक्रम को समाहित किया गया है। किस कक्षा के किस पाठ को पढ़ाना है, उसे क्लिक करते ही प्रारंभ हो जाएगा। जिससे आसानी से बच्चों के समझ में आ जाएगा। वहीं स्मार्ट फोन में आवाज के साथ ही साफ चित्र भी दिखेगा। मगर चित्र में कोई चेहरा नहीं होगा, बल्कि गणित लगाने का तरीका और अंग्रेजी के ग्रामर को स्पष्ट तरह से प्रकट किया गया है। दीक्षा एप को डाउनलोड कराने के बाद जहां बच्चों की पढ़ाई आसान होगी तो वहीं शिक्षकों का बोझ भी हल्का हो जाएगा।
