बरेली: लेखपाल मनीष हत्याकांड...आरोपी सूरज मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया, पैर में लगी गोली

Amrit Vichar Network
Edited By Pradeep Kumar
On

बरेली, अमृत विचार। लेखपाल मनीष कश्यप हत्याकांड के एक और आरोपी को फरीदपुर पुलिस और एसओजी की टीम ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। 25 हजार के इनामी सूरज को मुठभेड़ के दौरान गोली लगी है, पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया है। हत्याकांड में एक आरोपी को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।

दरअसल बीते साल 27 नवंबर को थाना बहेड़ी के कानून गोयान निवासी लेखपाल मनीष चंद्र कश्यप लापता हो गए थे। मां मोरकली फरीदपुर थाने में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कई दिन तक लेखपाल का सुराग नहीं लगने के बाद परिजनों ने हंगामा करते हुए पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाए थे। ओमवीर उर्फ अवधेश, नन्हे, सूरज, नेत्रपाल के नाम सामने आए। काफी हाय तौबा मचने के बाद पुलिस दो आरोपियों नन्हे और अवधेश तक पहुंच पाई। फरीदपुर के गांव कपूरपुर निवासी आरोपी अवधेश कश्यप की निशानदेही पर लेखपाल मनीष कश्यप का कंकाल और अपहरण में प्रयुक्त उसकी कार बरामद की। सोमवार को फरीदपुर पुलिस और एसओजी की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 25 हजार के इनामी सूरज निवासी ग्राम बाखरगंज थाना फत्तेहगंज पूर्वी को गिरफ्तार कर लिया। सीओ फरीदपुर आशुतोष शिवम ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर ग्राम गौसगंज के पास नहर पटरी पर बनी सड़क किनारे से सुबह करीब सात बजे मुठभेड के दौरान आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

फिरौती के लिए की थी हत्या
इससे पहले पकड़े गए आरोपी अवधेश ने बताया था कि वह और उसका फुफेरा साला सूरज तंगी के दौर से गुजर रहे थे। इसीलिए उन्होंने लेखपाल के अपहरण की योजना बनाई थी। बाद में इसमें ममिया ससुर और रिश्तेदार नन्हे को भी शामिल किया। सोचा था कि फिरौती में मनीष के परिजनों से चार-पांच लाख वसूलकर उन्हें छोड़ देंगे।

पहले शराब पिलाई फिर घोंटा गला
27 नवंबर को अवधेश फरीदपुर रेलवे क्रॉसिंग पर आया, फोन करके मनीष को वहीं बुला लिया। सूरज और अवधेश ने मनीष को ज्यादा शराब पिला दी। मनीष के ढीले पड़ते ही सूरज के मफलर से दोनों ने गला घोटकर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद अपनी कार से शव को ले जाकर मिर्जापुर गांव के पास तालाब में फेंक दिया।

ये भी पढ़ें - बरेली: लापता हरिराम 10 साल बाद परिजनों से मिले तो छलक उठीं आंखें

संबंधित समाचार