Kanpur: शिकागो से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई कोर्ट में गवाही व जिरह...10 साल पहले दर्ज हुआ था फर्जीवाड़े का केस

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Shukla
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कानपुर, अमृत विचार। फर्जीवाड़ा के 10 साल पुराने मुकदमे में अमेरिका के शिकागो में रहने वाली महिला की वीडियो कांफ्रेंसिंग से गवाही कराई गई। न्यायिक मजिस्ट्रेट अष्टम मनीषा गुप्ता की कोर्ट में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बुधवार सुबह 9:30 से 12 तक करीब तीन घंटे गवाही और जिरह चली। 

जूही थानाक्षेत्र के आनंदपुरी निवासी कविता शाह ने दो जून 2014 को नरेंद्र सिंह, कन्हैया गुप्ता और अजीत गुप्ता के खिलाफ फर्जीवाड़ा कर मकान पर कब्जा करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से शिकायत के बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी। कविता शाह का आरोप था कि वह अमेरिका में रहती हैं। 14 लाख रुपये में मकान की बात पक्की होने पर उनकी मां को सात लाख रुपये देकर मकान पर कब्जा कर लिया गया। उनकी मां की मौत हो चुकी है। 

नरेंद्र सिंह के अधिवक्ता रवींद्र वर्मा ने बताया कि विवेचना के दौरान कन्हैया गुप्ता का नाम हटा दिया गया था। अजीत गुप्ता के खिलाफ आरोप पत्र हाईकोर्ट में निरस्त हो गया। अभियोजन की ओर से सुप्रीम कोर्ट में अपील करने पर विचारण का आदेश हुआ। इस मुकदमे में गवाही के लिए कविता शाह शिकागो से कोर्ट नहीं आ पा रही थी। 

इस कारण सहायक अभियोजन अधिकारी ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर वीडियो कांफ्रेंसिंग से गवाही और जिरह कराने को कहा। इसे कोर्ट ने नामंजूर कर दिया। इसके बाद अभियोजन ने उच्च न्यायालय में प्रार्थनापत्र दिया। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग से शिकांगो से कविता शाह की गवाही और जिरह कराई गई। कविता शाह ने कहा कागजात पर उनकी मां के हस्ताक्षर नहीं हैं।

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