छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के लगाए आईईडी में विस्फोट होने से CRPF के दो कमांडो घायल 

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Edited By Amrit Vichar
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बीजापुर (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों द्वारा लगाए गए प्रेशर इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) में बृहस्पतिवार को विस्फोट होने से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की कोबरा इकाई के दो कमांडो घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि घटना बासागुडा थाना क्षेत्र में तड़के उस समय हुई जब सुरक्षा बलों की एक संयुक्त टीम क्षेत्र में अभियान चला रही थी। 

उन्होंने बताया कि अभियान में सीआरपीएफ की 229वीं बटालियन और जंगल क्षेत्र में युद्ध के लिए बनी सीआरपीएफ की एक विशिष्ट इकाई कोबरा (कमांडो बटालियन फॉर रेजोल्यूट एक्शन) की 206वीं बटालियन के जवान शामिल थे। अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सुरक्षा कर्मी अनजाने में प्रेशर आईईडी के संपर्क में आ गए, जिससे विस्फोट हो गया और दो जवान घायल हो गए। अधिकारी ने बताया कि कोबरा 206वीं बटालियन के घायल कांस्टेबल मृदुल बर्मन और मोहम्मद इशाक को वहां से निकालकर बासागुड़ा सीआरपीएफ कैंप ले जाया गया, जहां उनका प्रारंभिक उपचार किया गया। दोनों की हालत खतरे से बाहर बताई जाती है। 

उन्होंने बताया कि उन्हें आगे के उपचार के लिए राज्य की राजधानी रायपुर के एक अस्पताल में रेफर किया गया है। माओवादी अक्सर बस्तर क्षेत्र के अंदरूनी इलाकों में गश्त के दौरान सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाने के लिए सड़कों और जंगलों में कच्ची सड़कों, पगडंडियों के किनारे आईईडी लगाते हैं। बस्तर क्षेत्र में बीजापुर सहित सात जिले आते हैं। क्षेत्र में पहले भी नक्सलियों द्वारा बिछाए गए विस्फोटकों के ऐसे जाल का आम लोग भी निशाना बन चुके हैं। सुकमा जिले में 12 जनवरी को आईईडी की चपेट में आने से 10 वर्षीय लड़की घायल हो गई और बीजापुर जिले में आईईडी विस्फोट की इसी तरह की घटनाओं में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। 

बीजापुर में 11 जनवरी को इसी तरह की घटना में सीआरपीएफ का एक जवान घायल हो गया। राज्य के नारायणपुर जिले के ओरछा इलाके में 10 जनवरी को ऐसी ही दो घटनाओं में एक ग्रामीण की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। नक्सलियों ने छह जनवरी को बीजापुर जिले में एक वाहन को आईईडी से उड़ा दिया, जिसमें आठ पुलिसकर्मी और उनके असैन्य चालक की जान चली गई। 

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