RTO कार्यालय के पास से ही चल रहीं डग्गामार बसें, शहर में 10 से अधिक स्थानों हो रहा अवैध बसों का संचालन

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
On

आलमबाग और कमता बस स्टेशनों के पास भी सवारियां बैठाते हैं निजी बसें

लखनऊ, अमृत विचार: डग्गामार बसों पर लगाम कैसे लगे, जब आरटीओ कार्यालय के पास से ही इनका संचालन किया जा रहा है। राजधानी के कई स्थानों से दिल्ली, राजस्थान, पंजाब से लेकर बिहार तक के लिए डग्गामार बसें चलाई जा रही हैं। इन बसों के कारण ट्रांसपोर्टनगर, नहरिया, अवध चौराहा, अहिमामऊ चौराहा, शहीदपथ पर जाम लगने के अलावा अवध नहरियां चौराह से लेकर पारा, हदरोई रोड, आगरा एक्सप्रेसवे पर आए दिन दुर्घटनाएं भी होती हैं। मुख्यमंत्री भी डग्गामार बसों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दे चुके हैं, इसके बावजूद परिवहन विभाग प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा है।

कानपुर रोड पर आरटीओ कार्यालय से कुछ स्थित चार नंबर पार्किंग और पिकैडली के पास से अवैध बसों का संचालन किया जाता है। यहां से वॉल्वो बसें भी सवारियां बैठने के लिए खड़ी रहती हैं। ज्यादातर बसें कानपुर, वाराणसी, बरेली और दिल्ली की सवारियां लेकर जाती हैं। पूर्वांचल के लिए पहले पॉलीटेक्निक चौराहे डग्गामार बसें चलते थी। वहां सख्ती की गई तो अवध डिपो के पास कमता और मटियारी तिराहे पर बसें खड़ी की जाने लगीं, जबकि नियमानुसार रोडवेज बसों के आसपास से परमिट वाली निजी बसों का भी संचालन नहीं किया जा सकता है। गोरखपुर, बस्ती, गोंडा, बाराबंकी, अयोध्या के लिए भी 20 से अधिक डग्गामार बसों का संचालन किया जा रहा है।

कैसे चलता है डग्गामार बसों का नेक्सेस

डग्गामार बसों का संचालन दो तरह से चलता है। लंबी दूरी वाले रूट के लिए संचालक अस्थाई ऑफिस बनाकर और दलालों के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग करते हैं। बस के छूटने से आधा घंटे पहले सवारियों को उस जगह बुलाते हैं, जहां बस सड़क किनारे खड़ी की जाती है। पिकैडली और अवध चौराहे के आसपास तो हाईवे पर बसें खड़ी की जाती हैं। गोंडा, बस्ती, कानपुर, बाराबंकी, अयोध्या, सीतापुर, हरदोई जाने वाली बसों के स्थल भी तय हैं। संचालन पुलिस के अलावा आरटीओ कार्यालय की मिलीभगत से किया जा रहा है। कोई दुर्घटना होने पर दिखावे के लिए दो-चार बसों पर दिखाने के लिए कार्रवाई की जाती है और फिर सेटिंग से दोबारा संचालन शुरू हो जाता है। अवैध बसों के संचालन को रोकने के लिए आए दिन आरटीओ के अधिकारियों को पत्र लिखा जाता है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती है।

इन स्थानों से चल रही डग्गामार बसें

आरटीओ कार्यालय के पास चार नंबर पार्किंग, अवध तिराहा, लोकबंधु हॉस्पिटल के पीछे, आलमबाग बस स्टेशन के पास टेढ़ी पुलिया, परिवर्तन चौक शनि मंदिर, नीबू पार्क के पास चौक, हजरतगंज नदिया किनारे व पालीटेक्निक चौराहा, कमता से आगे मटियारी चौराहा, शहीद पथ अहिमामऊ।

डग्गामार बसों के संचालन पर अंकुश लगाने के लिए अभियान चलाया जाता है। बस अनफिट मिलने पर कार्रवाई भी की जाती है। अब सख्ती के साथ लगातार अभियान चलाकर पूरी तरह रोक लगाई जाएगी। अनफिट और ओवरलोडेड बसों का संचालन भी रोका जाएगा।
-संदीप कुमार पंकज,आरटीओ प्रवर्तन लखनऊ 

यह भी पढ़ेः गोमतीनगर स्टेशन पर बच्चों से काराया जा रहा है कामः शिकायत पर रेलवे ने कहा- पटरी पर सिक्के गिर गए थे जिसे ढूंढ रहे थे बच्चे

 

संबंधित समाचार