पीलीभीत: स्कूल में भी महफूज नहीं छात्रा...शिक्षक के खिलाफ छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज

Amrit Vichar Network
Edited By Pradeep Kumar
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पीलीभीत, अमृत विचार। शिक्षा के मंदिर में ही एक बेटी खुद को महफूज नहीं कर पा रही है। खास बात है कि उसे कोई शोहदा नहीं बल्कि शिक्षक ही छात्रा को परेशान कर रहा है। खुद के साथ किए जा रहे गलत व्यवहार की शिकायत कॉलेज प्रबंधन से दर्ज कराई, फिर भी एक्शन नहीं लिया गया। अब कोतवाली में पीड़ित छात्रा ने एफआईआर दर्ज कराई है।

कोतवाली में दी गई तहरीर में क्षेत्र की एक छात्रा ने बताया कि कॉलेज का ही शिक्षक कपिल चौधरी लंबे समय से उस पर बुरी नियत रखते हुए परेशान करता है। समय-समय पर कॉलेज में लैब में बुलाकर ले जाता है। वहां अश्लील हरकत करने की कोशिश की जाती है। जिससे छात्रा मानसिक रूप से प्रताड़ित हो चुकी है। आरोप है कि पीड़िता के परिवार वालों की गैर मौजूदगी में शिक्षक घर पर आया और छेड़छाड़ करते हुए अश्लील हरकत की गई। वह अपनी गलती स्वीकारने के बजाय लगातार धमकियां दे रहा है, कि उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकेगा। वह छात्रा की जिंदगी खराब कर देगा। परिवार वाले भी छात्रा के साथ शिक्षक द्वारा की जा रही छेड़छाड़ को लेकर घबराए हुए हैं। एसपी के समक्ष पेश होकर पीड़िता ने अपना दुखड़ा सुनाते हुए शिकायत की। जिसके बाद एसपी के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 और 352 के तहत एफआईआर दर्ज की है। ये भी आरोप है कि शिक्षक की हरकतों से परेशान होने पर उसने पूरी बात अपने परिवार वालों को बताई। इस पर परिजनों ने जब शिक्षक से संपर्क किया तो वह परिजनों को धमकाने लगा। फिर 17 दिसंबर 2024 को प्रधानाचार्य को लिखित शिकायत दी। मगर, उस पर भी कोई एक्शन नहीं लिया गया। छात्रा की माने तो कॉलेज और पीड़िता की बदनामी होने का हवाला देकर चुप रहने की सलाह दे दी गई।  

प्रधानाचार्य बोले- जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजदी 
इस मामले में कॉलेज के प्रधानाचार्य का कहना है कि छात्रा से मिली शिकायत की अनदेखी नहीं की गई थी। एक छात्रा ने उनको शिकायत पत्र दिया था। जिस पर उच्चाधिकारियों को तत्काल अवगत करा दिया गया। इसके बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर एक कमेटी बनाई गई। कमेटी ने दोनों पक्षों के साथ ही प्रकरण से जुड़े समस्त लोगों के बयान दर्ज किए। जिसकी वीडियो भी बनाई गई थी। कमेटी से मिली जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जा चुकी है। अग्रिम कार्रवाई उच्चाधिकारियों के स्तर से ही होनी है।

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