संभल : गोभी के नहीं मिल रहे खरीदार, पशुओं को खिला रहे किसान
असमोली क्षेत्र के कई गांवों में किसानों ने उजाड़नी शुरू की गोभी भी फसल, खेतों से गोभी लेकर जा रहे ग्रामीण
संभल के गांव में खेत से काटकर सड़क किनारे डाली गई गोभी की फसल।
संभल/ओबरी। खेतों में लगी गोभी का उचित दाम नहीं मिलने पर मायूस किसानों ने फसल को उजाड़ना शुरू कर दिया है। ऐसे में बतौर चारा गोभी पशुओं को खिलाई जा रही है। कई खेतों में पुरुषों के अलावा महिलाएं भी घरों को गोभी की ढुलाई में जुटी हैं। वहीं जिन खेतों से गोभी नहीं उठ रही है, वहां किसान जुताई कराने लगे हैं।
विकास खंड असमोली क्षेत्र में किसानों को गोभी का सही भाव नहीं मिल रहा है। आलम यह है कि बाजार में महज 10 रुपये में 4 से 5 किलो गोभी बिक रही है। जिसमें किसान की न तो लागत ही निकल रही है और न ही ढुलाई का खर्च मिल रहा है। गोभी के खरीदार भी कम हो गए हैं तो किसानों को दूसरी फसलों की तैयारी के लिए खेत खाली करने पड़ रहे हैं। ऐसे में किसानों ने गोभी की फसल को उजाड़ना शुरू कर दिया है।
खेतों पर महिलाओं और पुरुषों की मौजूदगी देखी जा रही है जो गोभी को पशुओं के लिए बतौर चारा के लिए लेकर जा रहे हैं। ग्रामीणों ने गोभी ही पशुओं को खिलानी शुरू कर दी है। मनोटा-रतनपुर कलां मार्ग पर गांव चंदवार में खेतों से पशुओं के लिए गोभी लेकर जा रहे गांव रचेटा निवासी इमरान और महिलाओं ने बताया कि इस बार गोभी की फसल अच्छी हुई है लेकिन गोभी के दाम कम होने पर मुनाफा तो दूर फसल में लगी लागत भी नहीं मिल पा रही हैं। जिसके चलते किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। गांव चंदवार, मनोटा, सैदपुर इम्मा, टांडा कोठी आदि के किसान गोभी को नष्ट करा रहे हैं।
क्या बोले किसान?
करीब 10 बीघा जमीन में गोभी की फसल लगाई थी। जिसमें करीब एक लाख रुपये की लागत आई चुकी हैं। फसल तैयार हुई तो गोभी के दाम कम हो गए। अब तक मुश्किल से 12 हजार रुपये की ही गोभी बिकी है। इस बार फसल से काफी नुकसान हो गया है।-नंदराम, मतावली
इस बार गोभी का उत्पादन अधिक और दाम कम है। 4 बीघा गोभी की फसल लगाई थी। 20 हजार की लागत आने पर अभी तक 1500 रुपये की गोभी बेची है। ओबरी की बाजार में बहुत कम दाम में भी गोभी खरीदने को कोई तैयार नहीं हुआ। मजबूरी में गोभी फेंकनी पड़ी।-हरवंश, चंदवार
