Moradabad: किसानों को स्कूली छात्र बता रहे हैं पराली जलाने के नुकसान | Amritvichar
खेतो में पराली जलाने से पर्यावरण और मानव शरीर को होने वाले नुकसान दुष्प्रभाव को कम किया जा सके इसको लेकर जहाँ शासन और प्रशासन के द्वारा तमाम प्रयास किये जा रहे है . तो वही जनपद मुरादाबाद में एनसीसी, एनएसएस और स्कूली छात्र छात्राओं के द्वारा भी अभियान चलाकर किसानों को पराली जलाने से …
खेतो में पराली जलाने से पर्यावरण और मानव शरीर को होने वाले नुकसान दुष्प्रभाव को कम किया जा सके इसको लेकर जहाँ शासन और प्रशासन के द्वारा तमाम प्रयास किये जा रहे है . तो वही जनपद मुरादाबाद में एनसीसी, एनएसएस और स्कूली छात्र छात्राओं के द्वारा भी अभियान चलाकर किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूकता अभियान चलाकर जागरूक किया जा रहा है . जिसके तहत छात्र छात्राओं की टोली हर रोज विद्यालय के शिक्षकों के साथ खेत खेत पहुँच किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान बता रहे है . छात्र छात्राओ के द्वारा बताया जा रहा है कि पराली के जलने से जमीन की उर्वरा शक्ति तो घटती है ही साथ ही मिट्टी में पलने वाले मित्र कीट भी नष्ट हो जाते है . साथ ही पराली से उठने वाले धुंए से कार्बन मोनोऑक्साइड और कार्बन डाई ऑक्साइड जैसी गैस आसमान में फैल जाती है । जिससे आंख और सांस संबंधी बीमारियां होने का खतरा बना रहता है । वही जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ० प्रदीप कुमार द्विवेदी का कहना है कि शाषन के निर्देश पर यह अभियान चलाया जा रहा है . जिसमें जनपद के स्कूलो के शिक्षक और छात्र छात्राएं बहुत अच्छा काम करते हुये खेत खेत जाकर किसानों को पराली जलाने के नुकसान बता रहे है . जिसके बहुत अच्छे परिणाम देखने को मिले है पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष बहुत कम पराली जलाने के मामले सामने आए है ।
