बरेली: पांच लाख से अधिक पैरासिटामॉल मरीजों ने खा लीं अब हो गया सैंपल फेल

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बरेली,अमृत विचार। यूपी मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन की अब पैरासिटामॉल दवा का सैंपल फेल हो गया है। हैरानी की बात तो यह है कि इन 6 जून को पांच लाख से अधिक दवाओं की आपूर्ति की गई थी। इनके अब खत्म होने के बाद इसका सैंपल फेल हुआ है जबकि दवा को वितरित किया जा चुका …

बरेली,अमृत विचार। यूपी मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन की अब पैरासिटामॉल दवा का सैंपल फेल हो गया है। हैरानी की बात तो यह है कि इन 6 जून को पांच लाख से अधिक दवाओं की आपूर्ति की गई थी। इनके अब खत्म होने के बाद इसका सैंपल फेल हुआ है जबकि दवा को वितरित किया जा चुका है। यूपीएमएसएसी की ओर से अभी तक खांसी, बुखार, जुकाम, एंटीबायोटिक और मलेरिया जैसी कई दवाओं के सैंपल फेल हो चुके हैं जिनका सेवन मरीजों ने किया है। ऐसे में लोगों के स्वास्थ्य के प्रति स्वास्थ्य विभाग कितना संजीदा है इसका अंदाजा आप खुद लगा सकते हैं।


जिलों में दवाओं की सप्लाई हो जाती है और उनका वितरण भी हो जाता है। मरीज अस्पताल आकर इस भरोसे से दवा लेकर जाता है कि यह उसे फायदा करेगी लेकिन वह ठीक होने की बजाए और बीमार हो जाता है। कारण है कि ले जाई गई दवा अधोमानक होती है और वह उसे फायदा नहीं करती है। इससे उसकी हालत और बिगड़ती चली जाती है। ऐसे में यह दवा लोगों के पेट में पहुंच चुकी होती है और पैसा दवा कंपनियों की जेब में चला जाता है। यूपीएमएसएसी की ओर से जिले में 6 जून को 5,03000 पैरासिटामॉल की दवा को भेजा गया था जबकि अब नवंबर महीने में इसका सैंपल फेल हुआ है।

सीएमओ डा. वीके शुक्ला ने बताया कि औषधि बैच नंबर पीआरजी-779 मैन्यूफैक्चर मैसर्स हिलर लैब्स, सोलन की दवा आपूर्ति हुई थी। बताया कि यूपीएमएससीएल का ड्रग वेयर हाउस सीबीगंज में स्थित हैं। सैंपल फेल होने के बाद जब इस संबंध में ड्रग वेयर हाउस के प्रभारी फार्मासिस्ट से जानकारी की तो पता चला कि सभी दवाएं वितरित की जा चुकी हैं। वेयर हाउस में एक भी दवा मौजूद नहीं है।

कॉरपोरेशन की जांच प्रक्रिया पर सवाल
स्वास्थ्य विभाग के जानकार के मुताबिक, नियमानुसार कॉरपोरेशन फार्मा कंपनियों को दवा आपूर्ति का आर्डर देता है मगर आपूर्ति से पहले निजी एजेंसी से दवा की गुणवत्ता की जांच कराई जाती है। इसके बाद यूपी मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन का क्वालिटी कंट्रोल मैनेजर सरकारी एजेंसी से जांच कराता है। इसके बाद ही दवाएं अस्पताल तक पहुंचती हैं। यहां सवाल उठ रहा है कि अगर कॉरपोरेशन दो स्तर पर जांच कराता है तो फिर खाद्य एवं औषधि प्रशासन की जांच में इस दवा के सैंपल क्यों फेल हो रहे हैं।

अब तक इन दवाओं के सैंपल हुए फेल
अब तक ओंडनसेट्रान सिरप, डेक्सामिथासोन, इंजेक्शन आर्टिसुनेट, आयरन फ्लोरिक एसिड, इंजेक्शन एल्टीक्यूहेट, लिग्नोकेन विथ एडिनोलिन, एमाक्साकिल्न एंड पोटेशियम क्लाउलेनेट समेत अन्य दवाओं, सिरप और इंजेक्शन के सैंपल फेल हो चुके हैं।

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