मुरादाबाद की सूरत पर दाग लगा रहीं देसी शराब की भट्ठियां
मुरादाबाद,अमृत विचार। पीतल के कारोबार को लेकर प्रसिद्ध मुरादाबाद में बेखौफ शराब बनाने और बेचने का कारोबार जारी है। शहर के कई मोहल्ले इस कार्य के लिए बदनाम हैं। नदी के किनारे बेरोक-टोक देसी शराब की भट्ठियां धधक रहीं हैं। उधर, प्रदेश में मिश्रित शराब के सेवन से हुई मौतों को लेकर विभाग अलर्ट हुआ …
मुरादाबाद,अमृत विचार। पीतल के कारोबार को लेकर प्रसिद्ध मुरादाबाद में बेखौफ शराब बनाने और बेचने का कारोबार जारी है। शहर के कई मोहल्ले इस कार्य के लिए बदनाम हैं। नदी के किनारे बेरोक-टोक देसी शराब की भट्ठियां धधक रहीं हैं। उधर, प्रदेश में मिश्रित शराब के सेवन से हुई मौतों को लेकर विभाग अलर्ट हुआ है। इसी के मद्देनजर पुलिस और आबकारी विभाग का साझा अभियान शुरू होने वाला है।
अब देखना है कि साझा अभियान के बाद जिले में इस धंधे पर कितनी लगाम लगती है। क्योंकि शहर के लालबाग से सटे क्षेत्रों में (नदी पार) बेखौफ भठ्ठियां धधक रहीं हैं। अगवानपुर से लेकर कटघर तक इसके कई ठिकाने हैं। जबकि कटघर रेलवे स्टेशन के नजदीक कब्रिस्तान क्षेत्र में शौकीनों की भीड़ की अपनी कहानी है। जानकारों का दावा है कि देसी शराब का पैकेट यहां 30 से 40 रुपये में बिक रहा है। यहां देहात से बनी शराब की खेप लायी जा रही है।
बंगला गांव क्षेत्र से लेकर नदी तट पर इसके सुरक्षित ठिकाने हैं। आरोप है कि इस कारोबार को कुछ सफेदपोशों और वर्दीवालों का संरक्षण है। आबकारी विभाग और सिविल पुलिस के कुछ किरदार शहर से लेकर देहात के ऐसे कारोबार के सरपरस्त बने हुए हैं। जबकि देसी शराब बनाने में महिलाओं की टीम भी शामिल हैं। रेलवे लाइन के किनारे भी इस कारोबार के ठिकाने बने हुए हैं, जहां मिलावटी शराब का धंधा करने वाले नदी क्षेत्र के गांवों में दुकान सजाये हुए हैं।
जब पुलिस ने चाहा, पकड़ ली शराब की खेप
जिले में बीते साल में 1 दिसम्बर को शराब पकड़ी गई थी। पाकबड़ा पुलिस ने हाईवे से अवैध शराब की 1400 पेटियां जब्त की थी। जिसकी कीमत 51 लाख रुपये बताई गयी। जांच में इस बात के प्रमाण मिले कि देसी शराब की पेटियां हरियाणा से बिहार भेजी जा रही थीं। इस साल फरवरी महीने में कटघर थाना क्षेत्र से आबकारी टीम ने ट्रक से 1152 पेटी अवैध शराब पकड़ी। जिसकी कीमत 35 लाख रुपये थी। लॉकडाउन के दौरान 5 अप्रैल को पकड़ी गई थी। मूंढापांडे क्षेत्र में 3 महिलाओं को अवैध शराब के साथ पकड़ा गया था। शराब की कीमत 42 लाख रुपये थी।
अवाक रह गये थे एसएसपी…
साल की शुरुआत में तत्कालीन एसएसपी अमित पाठक शहर के आदर्श नगर कालोनी में शराब के अड्डों की हकीकत पता करने गये थे। कालोनी का हाल देखकर अवाक रह गये थे। इसके बाद पुलिस टीम ने 400 लोगों को प्रत्यक्ष रूप से लिप्त होने का विवरण एकत्र किया था। जिसमें पचास परिवार निम्न आय वर्ग के मिले थे। इसके बाद पुलिस विभाग ने शराब के कारोबार बंद होने से बेरोजगार हाथों को काम दिलाने के लिए रोजगार मेला तक लगवाया था। एसपी सिटी अमित आंनद का कहना है कि सौ लोगों को रोजगार भी मिला। उसके बाद कोरोना काल शुरू हो गया। यह सच है कि शहर की आदर्श नगर कालोनी इस कार्य के लिए बदनाम है।
युवकों की मौत के बाद भीड़ ने फूंक दी थी हट्टी
पांच साल पहले यानी वर्ष 2015 के जून (22 जून) में नागफनी थाना क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से दो युवकों की मौत हो गई थी। मौत से स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए थे। यहां उग्र भीड़ ने हट्टी में आग लगा दी थी। उन्होंने जाम लगाकार जमकर हंगामा किया था। पुलिस के खिलाफ लोग नाराज थे। आरोप यह लगा कि पुलिस और नेताओं के संरक्षण में देसी शराब का ठेका चल रहा था। डीएम ने मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए थे। जबकि अगस्त 2017 में बिलारी थाना क्षेत्र के गोपालगंज में जहरीली शराब पीने से युवक की मौत हो गई थी।
फैक्ट फाइल
जिले में शराब की पंजीकृत दुकानें-278 (देसी, अंग्रेजी, बियर, भांग)
शराब के कारोबार को लेकर चर्चित गांव- 23
शहर के इलाके- आदर्श नगर, कटघर, लालबाग, भदौरा, लाइनपार, नवाबपुरा गंगापार
संवेदनशील क्षेत्र- कांठ, ठाकुरद्वारा, भोजपुर, मैनाठेर
आबकारी विभाग की ओर से चिन्हित घर- 350 आदर्श नगर
पुलिस और आबकारी विभाग को साझा तरीके से यह कार्रवाई करनी है। 3 दिसंबर से पंद्रह दिन का अभियान है। इसमें अपमिश्रित शराब की जांच की जाएगी। शराब की दुकानों से लेकर स्टोर तक की जांच होगी। सेम्पल भरे जायेंगे। वैसे इस तरह का कार्य हमारा विभाग लगातार करता है। इस बार पुलिस विभाग इसका नेतृत्व करेगा।-कुलदीप मिश्र, जिला आबकारी अधिकारी
