पीड़ितों को मुआवजा दिलाने के लिए न्यायाधीश ने ‘उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगा दावा आयोग’ की शुरूआत की

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नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने फरवरी में हुई सांप्रदायिक हिंसा के पीड़ितों को मुआवजा प्रदान करने के लिए उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगा दावा आयोग (एनईडीआरसीसी) की शुरूआत की। न्यायमूर्ति कांत ने आयोग की शुरूआत ऑनलाइन की और उन्होंने एक बयान में कहा कि दंगा पीड़ितों को न्याय देना समय की जरूरत …

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने फरवरी में हुई सांप्रदायिक हिंसा के पीड़ितों को मुआवजा प्रदान करने के लिए उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगा दावा आयोग (एनईडीआरसीसी) की शुरूआत की। न्यायमूर्ति कांत ने आयोग की शुरूआत ऑनलाइन की और उन्होंने एक बयान में कहा कि दंगा पीड़ितों को न्याय देना समय की जरूरत है।

न्यायमूर्ति कांत ने बयान में कहा कि दंगा पीड़ितों को न्याय देना समय की जरूरत है। दंगा पीड़ितों को तत्परता के साथ मुआवजा दिया जाना चाहिए। मैं इस आयोग द्वारा इस उद्देश्य को प्राप्त करने की कामना करता हूं।

गौरतलब है कि संशोधित नागरिकता कानून के समर्थकों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसा के बाद 24 फरवरी को उत्तर पूर्वी दिल्ली में भड़की सांप्रदायिक हिंसा में 53 लोगों की मौत हो गई थी और लगभग 200 अन्य घायल हो गये थे। उत्तर पूर्वी दिल्ली में लगभग 750 मामले दर्ज हैं और दंगों से संबंधित मामलों में लगभग 1,200 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

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