10 साल की कैद : 22 साल पहले आठ साल के बच्चे से की थी घिनौनी हरकत, दोषी सिद्ध होने पर अदालत ने सुनाया फैसला

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Published By Vinay Shukla
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Sultanpur, Amrit Vichar : लंभुआ थाना क्षेत्र के एक गांव में 22 साल पूर्व  आठ वर्षीय बालक के साथ कुकर्म करने के दोषी लहूरी मिश्र उर्फ रामानन्द को विशेष कोर्ट न्यायाधीश राकेश पांडेय ने 10 साल की कैद की सजा सुनाकर बुधवार को जेल भेज दिया। अदालत ने दोषी पर छह हजार रुपए अर्थदंड भी लगाया है।

एडीजीसी गोरखनाथ शुक्ल के मुताबिक एक जुलाई 2002  की घटना में दर्ज हुए केस में पीड़ित के नाना ने आरोप लगाया था उनका आठ वर्षीय पौत्र ननिहाल में शादी देखने गया था। उसके साथ दोषी ने कुकर्म जैसी वारदात को अंजाम दिया। तहरीर पर केस दर्ज कर पुलिस ने आरोपी लहूरी के खिलाफ मारपीट, कुकर्म व एससी एसटी  एक्ट के तहत चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे के दौरान अभियोजन की तरफ से पेश किए गए पांच गवाहों के साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने दोषी को कुकर्म का दोषी पाते हुए 10 साल के कारावास की सजा सुनाकर करनी की सजा भुगतने के लिए जेल भेज दिया।

दुष्कर्म के आरोपी पर केस दर्ज
जयसिंहपुर थाना क्षेत्र की पीड़िता की अर्जी पर न्यायालय ने थानाध्यक्ष को आरोपी पिया राज सिंह उर्फ लिटिल सिंह के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया था। न्यायालय के आदेश पर केस न दर्ज करने पर पीड़ित ने कोर्ट में थानाध्यक्ष के खिलाफ आदेश की अवहेलना का आरोप लगाते हुए अर्जी दी थी। पीड़ित के वकील शेख नजर अहमद ने बताया कोर्ट के आदेश पर थानाध्यक्ष ने पीड़िता की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। आरोपी पर दुष्कर्म, अश्लील वीडियो बनाने, शादी का झांसा देने, गर्भपात कराने व धमकी देने के आरोप हैं।

जेल में निरुद्ध आरोपी को राहत
जयसिंहपुर थानाक्षेत्र क्षेत्र में तीन माह पूर्व नशे की हालत में किशोरी के पैर पर गाड़ी चढ़ाने, मारपीट और छेड़छाड़ करने के आरोपी प्रिंस उर्फ आशीष को जिला जज लक्ष्मीकांत शुक्ला ने जमानत दी है। बचाव पक्ष के वकील अरविंद सिंह राजा ने अर्जी पेश कर केस को पेशबंदी में दर्ज कराने की बात कही। वहीं, एक दूसरे आदेश में कादीपुर थाना क्षेत्र के बनकेगांव से  रामपियारे की पौत्री के हत्या, अपहरण और साक्ष्य मिटाने के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे कूरेभार थाना क्षेत्र के दहलवा निवासी आरोपी सलमान उर्फ अब्बू सेन की जमानत अर्जी विशेष कोर्ट न्यायाधीश राकेश पांडेय ने खारिज कर दी। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि आरोपी ने सह आरोपियों  के साथ मिलकर वादी मुकदमा की पौत्री रिका को बहला-फुसलाकर अपहरण किया, उसकी गला दबाकर हत्या की और शव को छिपा दिया।

अभियोजन के अनुसार, मृतका बीती 31 मई की रात शौच के लिए घर से निकली थी और लापता हो गई थी। बाद में बीती 23 सितंबर को उसका शव वैदहा नहर के किनारे मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण गला घोंटने से दम घुटना बताया गया। सह-आरोपी ने अपने बयान में आरोपी की संलिप्तता स्वीकार की थी। अदालत ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया। आरोपी बीती एक अक्टूबर  से जिला कारागार में निरुद्ध है।

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