बरेली: बेटी और पोती के गम में महिला ने तेजाब पीकर दी जान
बरेली,अमृत विचार। नकटिया चौकी के सामने हाईवे पर लेटकर और एसएसपी आवास के बाहर पेट्रोल डालकर आग लगाने को लेकर हंगामा करने वाली बुजुर्ग महिला उर्मिला ने शुक्रवार रात तेजाब पीकर जान दे दी। उसने बेटी और पोती के घर से नाराज होकर चले जाने के गम में जान दी है। पोती तो अपने ताऊ …
बरेली,अमृत विचार। नकटिया चौकी के सामने हाईवे पर लेटकर और एसएसपी आवास के बाहर पेट्रोल डालकर आग लगाने को लेकर हंगामा करने वाली बुजुर्ग महिला उर्मिला ने शुक्रवार रात तेजाब पीकर जान दे दी। उसने बेटी और पोती के घर से नाराज होकर चले जाने के गम में जान दी है। पोती तो अपने ताऊ के पास पहुंच गई है लेकिन बेटी का अभी तक पता नहीं चल सका है। उर्मिला की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी तेजाब पीकर जान देने की पुष्टि हुई है। डॉक्टरों ने जहर के लक्षण होने से विसरा सुरक्षित रख लिया है।
बता दें कि कैंट के मोहनपुर निवासी उर्मिला (70) ने बीते रविवार को बहू प्रीति से मकान खाली कराने के झगड़े को लेकर हाईवे पर लेटकर बेटी के साथ हंगामा किया था। पुलिस ने दोनों को समझाकर घर भेज दिया था लेकिन उसके बाद उन्होंने एसएसपी आवास पर जाकर पेट्रोल डालकर जान देने की कोशिश की थी। इसके बाद पुलिस ने पहले तो शांतिभंग में चालान किया था और बाद में दोनों को आत्महत्या की कोशिश की धाराओं में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके तीन दिन बाद ही दोनों जेल से बाहर आ गईं। उनकी जमानत किसने ली इस बारे में पुलिस को नहीं पता है। गुरुवार को रात में एक बार फिर से उर्मिला का बेटी रेनू से किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। इसके बाद उर्मिला रात में चौकी नकटिया पर पहुंची थी। उसने पुलिस को बताया था कि रेनू, उनकी पोती छवि को लेकर हाईवे पर गई है। इसके बाद पुलिस ने हाईवे पर उसकी तलाश की थी लेकिन रेनू का पता नहीं चल सका था। पुलिस ने उर्मिला को घर भेज दिया था। शुक्रवार शाम को उर्मिला ने तेजाब पी लिया और बाद में उसकी मौत हो गई। जब इस बारे में मुरादाबाद में मौजूद प्रीति को पता चला तो वह बरेली पहुंची।
बच्ची पहुंची ताऊ के पास
बता दें कि उर्मिला का बेटा आदेश उर्फ दिनेश पड़ोस की रहने वाली महिला को भगाकर ले गया था। इसका मुकदमा दर्ज है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। आदेश, दिनेश के कागजों पर ही होमगार्ड में भर्ती हुआ था। जब रेनू अपनी बेटी छवि को लेकर गई तो वह दिल्ली पहुंच गई। यहां छवि को अपने ताऊ का नंबर पता था तो उसने ताऊ को फोन किया। ताऊ ने जिस युवक के फोन से फोन आया था, उसे दोनों की तबीयत के बारे में बताकर उसके आने तक रोके रखने के लिए कहा था। जब वह वहां पहुंचा तो छवि तो मिल गई थी लेकिन रेनू नहीं मिली।
