बरेली में हालात बिगड़े तो ऑड-ईवन फार्मूले से ही होगी पढ़ाई

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली,अमृत विचार। बरेली कॉलेज में 24 नवंबर से कक्षाएं संचालित होंगी। कॉलेज प्रशासन ने अभी तो स्ट्रीम वार कक्षाएं संचालित करने का प्लान तैयार किया है लेकिन जिस तरह से कोरोना संक्रमण फिर से बढ़ता जा रहा है उससे महाविद्यालय में भी हालात बिगड़ने की स्थिति बन रही है। अभी तो सिर्फ स्नातक प्रथम वर्ष …

बरेली,अमृत विचार। बरेली कॉलेज में 24 नवंबर से कक्षाएं संचालित होंगी। कॉलेज प्रशासन ने अभी तो स्ट्रीम वार कक्षाएं संचालित करने का प्लान तैयार किया है लेकिन जिस तरह से कोरोना संक्रमण फिर से बढ़ता जा रहा है उससे महाविद्यालय में भी हालात बिगड़ने की स्थिति बन रही है। अभी तो सिर्फ स्नातक प्रथम वर्ष और परास्नातक सभी वर्ष के विद्यार्थियों को ऑफलाइन कक्षाओं में पढ़ाई के लिए बुलाया जाएगा लेकिन जब स्नातक द्वितीय व तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों की कक्षाएं संचालित होंगी तो भीड़ बढ़ना लाजमी है। ऐसे में कॉलेज प्रशासन ऑड ईवन फार्मूला से विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बुला सकता है। बरेली कॉलेज प्रशासन एक सप्ताह की पढ़ाई के हालात देखने के बाद इस पर फैसला ले सकता है। ऑड ईवन फार्मूला लागू होने पर सभी विद्यार्थियों को परिचय पत्र चेक करके ही महाविद्यालय में प्रवेश दिया जाएगा।

शुक्रवार को बरेली कॉलेज प्राचार्य ने सभी विभागाध्यक्षों की बैठक बुलाई थी। इसमें 24 नवंबर से स्नातक प्रथम वर्ष, परास्नातक प्रथम और अंतिम वर्ष की कक्षाएं संचालित करने का निर्णय लिया गया था। स्नातक प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों में दो दिन विज्ञान, दो दिन कला और दो दिन संकाय के विद्यार्थियों की कक्षाएं लगाने का फैसला हुआ। इसके अलावा एलएलबी, बीबीए, बीसीए व बीएड की कक्षाओं के लिए भी अलग रोस्टर तैयार किया गया। कॉलेज में करीब 15 हजार विद्यार्थी रजिस्टर्ड हैं। स्नातक प्रथम वर्ष में ही 4 हजार से अधिक विद्यार्थी हैं। वहीं, परास्नातक में भी काफी संख्या में विद्यार्थी हैं और कॉलेज में प्रवेश व अन्य शैक्षणिक कार्यों को लेकर छात्रों का आवागमन रहता है। ऐसे में 24 नवंबर से काफी संख्या में विद्यार्थी पहुंचेंगे और उनके बीच में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना बड़ी चुनौती होगा।

कॉलेज में 23 नवंबर से स्नातक द्वितीय व तृतीय वर्ष के सेक्शन अलॉट होंगे और परिचय पत्र भी बांटे जाएंगे। इसके लिए सोमवार, मंगलवार और बुधवार को छात्राओं को एवं गुरुवार, शुक्रवार व शनिवार को छात्रों को बुलाया गया है। इसकी वजह से महाविद्यालय में भीड़ बढ़ना लाजमी है। साफ है कि एक सप्ताह तक सभी वर्ष के विद्यार्थी महाविद्यालय में किसी न किसी वजह से पहुंचेंगे। विद्यार्थी कोरोना की वजह से घर में ही रहे हैं। इसकी वजह से पढ़ाई शुरू न होने के बावजूद विद्यार्थियों का काफी संख्या में महाविद्यालय में आवागमन जारी है। ऐसे में एक सप्ताह में विद्यार्थियों के आने की संख्या का अनुमान लग जाएगा। यदि कम संख्या में विद्यार्थी आते हैं तो व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा लेकिन भीड़ बढ़ी तो फिर ऑड-ईवन फार्मूला ही लागू कर दिया जाएगा।

विद्यार्थियों की पहचान करना मुश्किल
महाविद्यालय में संकाय वार विद्यार्थियों को बुलाया गया है लेकिन दूसरे संकाय के विद्यार्थी भी पहुंच सकते हैं। इनकी पहचान करना कॉलेज प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगा क्योंकि सभी विद्यार्थियों के परिचय पत्र जांचने के लिए काफी कर्मचारियों की जरूरत होगी। मुख्य द्वार पर भी चेकिंग की गई तो विद्याथिर्यों की लाइन लग सकती है। ऐसे में प्रॉक्टोरियल बोर्ड को रैंडम चेकिंग करनी होगी जिसके तहत परिचय पत्र चेक किए जाएंगे। जो विद्यार्थी मास्क नहीं पहने होंगे उनके खिलाफ भी सख्ती करनी होगी।

अभी संकाय वार विद्याथिर्यों की ऑफलाइन कक्षाएं संचालित की जाएंगी। शुरुआत में महाविद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या देखी जाएगी। अधिक संख्या में विद्यार्थियों के आने पर ऑड-ईवन फार्मूले से भी कक्षाएं लगाने पर विचार किया जा सकता है। – डा. अनुराग मोहन, प्राचार्य, बरेली कॉलेज

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