Bareilly: रजिस्ट्री दफ्तर के कर्मचारियों का खेला...फर्जी कागजों से बेचीं करोड़ों की जमीनें !
कई साल से सक्रिय गिरोह मृत लोगों के लावारिस प्लॉटों पर रखता है नजर
बरेली, अमृत विचार। उपनिबंधक कार्यालय द्वितीय के कर्मचारियों की साठगांठ से फर्जी कागज तैयार कराकर करोड़ों की जमीन बेच देने के मामले में जांच के लिए डीएम रविंद्र कुमार ने एडीएम फाइनेंस और एआईजी स्टांप की दो सदस्यीय टीम गठित की है। आरोप है कि इस गोरखधंधे में कई साल से एक गिरोह सक्रिय है जो मृत लोगों के लावारिस प्लॉटों के फर्जी कागजात बनाकर उन्हें बेच देता है। वर्ष 2018 और 2024 में फर्जी कागजात तैयार कराकर कई बेशकीमती जमीनों को बेचा गया है।
इस मामले में मंगलवार को वीरसावरकर नगर की गायत्रीपुरी निवासी सुमित सक्सेना ने डीएम के सामने पेश होकर लिखित शिकायत की। सुमित के मुताबिक शहर में एक गिरोह सक्रिय है, जो उप निबंधक कार्यालय द्वितीय के कुछ कर्मचारियों की साठगांठ से मृत लोगों के लावारिस प्लॉटों के फर्जी कागजात तैयार कराता है और उन्हें बेच देता है। यह गिरोह फर्जी बैनामों के जरिए अब तक करोड़ों की जमीन बेच चुका है। इसमें तमाम लोग ठगे गए हैं। शिकायत में कहा गया है कि गिरोह का सरगना पीलीभीत रोड की एक कॉलोनी का रहने वाला है और कई लाेगों के साथ धोखाधड़ी कर चुका है। उसके खिलाफ 2023 में थाना इज्जतनगर और 2024 में फिरोजाबाद के थाना सिरसगंज में भी मुकदमा दर्ज हुआ था। वह कई महीने जेल में भी काट चुका है।
कहा गया है कि गिरोह का दूसरा सदस्य बदायूं रोड निवासी है। दोनों ने मिलकर सिविल लाइंस के बिहारीपुर में बेशकीमती प्लाॅट के फर्जी कागजात एक व्यक्ति के नाम तैयार कराए फिर उसे अपने नाम करा लिया। आरोप है कि उप निबंधक द्वितीय कार्यालय से 9 जनवरी 2018 काे सत्यापित कॉपी तैयार करके दी गई। इस कॉपी पर उप निबंधक द्वितीय के हस्ताक्षर भी हैं। शिकायत में जालसाजी कर किए गए बैनामे के नंबर भी बताए गए हैं। आरोप है कि इन्ही फर्जी दस्तावेज के जरिए गिरोह ने 22 जुलाई 2024 को जमीन बेच दी।
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