अमेरिका में बैठे साइबर ठगों ने एचएएल को ठगा; यूएसए का निकला आईपी एड्रेस, इंटरपोल और एफआईयू की मदद ली जाएगी
लखनऊ स्थित साइबर सेल मुख्यालय से पत्राचार किया गया
कानपुर, अमृत विचार। अमेरिका में बैठे साइबर अपराधियों ने हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड (एचएएल) से 55 लाख रुपये की ठगी की घटना को अंजाम दिया। साइबर टीम को मेसर्स पीएस इंजीनियरिंग इनकारपोरेटेड की वेबसाइट में सेंधमारी कर फर्जी ई-मेल के जरिए ठगी के सबूत मिले हैं। ई-मेल का आईपी एड्रेस यूएसए का सामने आया है। साइबर क्राइम और क्राइम ब्रांच तेजी से जांच को आगे बढ़ा रही है। इसके लिए वहां की कोर्ट में भी आवेदन किया जाएगा।
एचएएल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट डिवीजन के अपर महाप्रबंधक अशोक कुमार सिंह ने साइबर थाने में 55 लाख रुपये की ठगी की रिपोर्ट दर्ज करायी है। उनके अनुसार कंपनी की तरफ से मेसर्स पीएस इंजीनियरिंग इनकार पोरेटेड को एकल निवादा से फर्म की पंजीकृत ई-मेल आइडी पर 3 मई 2024 को तीन पार्ट्स की कोटेशन का आग्रह किया गया था। इस बीच साइबर अपराधियों ने फर्जी ई-मेल आईडी में ई एल्फाबेट का हेरफेर कर रुपये अपने खाते में जमा करा लिए।
एचएएल के अधिकारियों ने जब पार्ट्स की डिलीवरी न होने पर कंपनी से बातचीत की तो पता चला कि उनके खाते में रकम ट्रांसफर ही नहीं हुई। उन्होंने देखा तो जिस मेल से वार्तालाप हो रही थी वह फर्जी थी। रविवार को डीसीपी क्राइम आशीष श्रीवास्तव, एडीसीपी क्राइम अंजलि विश्वकर्मा, साइबर थाने के विशेषज्ञ एचएएल पहुंचे। वहां के अधिकारियों से बातचीत की। साइबर सिस्टम की जांच कराई।
एडीसीपी अंजलि विश्वकर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में धोखाधड़ी की पुष्टि हुई है। इसकी साजिश अमेरिका या देश में रची गई है, इसकी जांच चल रही है। जिस ई-मेल का इस्तेमाल किया गया है, उसका आईपी एड्रेस अमेरिका का निकला है। इसके लिए इंटरपोल और एफआईयू की मदद ली जाएगी। इसके लिए लखनऊ स्थित साइबर सेल मुख्यालय से पत्राचार किया गया है।
