Kanpur: पुलिस से आहत सिपाही पिता का दर्द छलका, बोले- जब विभाग में मेरी नहीं सुनी गई तो आम आदमी का क्या

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर, अमृत विचार। पुलिस की लचर कार्यप्रणाली के चलते काकादेव में बीपीएड छात्रा की आत्महत्या के मामले में आरोपी हाईकोर्ट पहुंच गए। आरोपियों ने गिरफ्तारी पर रोक और एफआईआर निरस्त कराने के लिए याचिका दाखिल कर दी है। सिपाही पिता का आरोप है कि जब विभाग में उनकी नहीं सुनी गई तो आम आदमी का क्या हाल होता होगा। पिता ने बेटी के प्रकरण में पुलिस पर घोर लापरवारी बरतने का आरोप लगाया है। 

14 मार्च को काकादेव निवासी बीपीएड सिपाही की पुत्री ने फांसी लगाकर जान दे दी थी। पिता का आरोप था कि उनकी बेटी की कुछ फेक वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई थी। आरोपियों ने कुछ आपत्तिजनक फोटो छात्रा के पिता को भी भेज दी थी। छात्रा ने कल्याणपुर थाने में 13 मार्च की रात एफआईआर दर्ज कराई थी। ऋषभ और गोविंद फुटबॉल को नामजद कराया था। पुलिस ने किसी की गिरफ्तारी नहीं की। इसके बाद छात्रा ने सुसाइड कर लिया था। 

सिपाही पिता का आरोप है, कि कल्याणपुर पुलिस ने कार्रवाई की बजाय आरोपियों को बचाव के लिए समय दिया। इसी का फायदा उठाकर आरोपी हाईकोर्ट पहुंच गए। पुलिस स्टे हासिल करने तक गिरफ्तारी करने से बच रही है ताकि बाद में स्टे का हवाला देकर कार्रवाई से बच सके। पुलिस ने जानकारी दी कि आरोपी ऋषभ ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी है। पुलिस ने उससे कहा कि वह हाईकोर्ट में अपनी तरफ से दस्तावेज लगाएगी।

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