केंद्र की नीतियों के विरोध में सड़कों पर उतरे मजदूर संगठन
नई दिल्ली। केंद्र सरकार की जनविरोधी, मजदूर विरोधी और राष्ट्र विरोधी नीतियों के खिलाफ गुरुवार को देश भर के मजदूर संगठनों की हडताल में धरने प्रदर्शन तथा रैलियों का आयोजन किया गया। जिसके कारण औद्योगिक गतिविधियों पर असर पड़ा। मजदूर संगठनों के समर्थन में किसान संगठन सड़कों पर उतर गए और जगह-जगह सरकारी मशीनरी के …
नई दिल्ली। केंद्र सरकार की जनविरोधी, मजदूर विरोधी और राष्ट्र विरोधी नीतियों के खिलाफ गुरुवार को देश भर के मजदूर संगठनों की हडताल में धरने प्रदर्शन तथा रैलियों का आयोजन किया गया। जिसके कारण औद्योगिक गतिविधियों पर असर पड़ा। मजदूर संगठनों के समर्थन में किसान संगठन सड़कों पर उतर गए और जगह-जगह सरकारी मशीनरी के साथ खींचातानी होती रही।
हाल ही में लागू किए गए कृषि संबंधित इन कानूनों के विरोध में पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान तथा अन्य राज्यों के किसान “दिल्ली चलो” नारे के साथ दो दिन के विरोध प्रदर्शन पर है। हड़ताल के कारण बैंकिंग, बीमा, खनन और अन्य विनिर्माण गतिविधियां लगभग ठप रही। झारखंड छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों की कोयला खदानों तथा अन्य खदानों में कामकाज नहीं हुआ।
बैंकों के कर्मचारी भी हड़ताल पर रहे और बीमा कर्मचारियों ने भी हड़ताल में हिस्सा लिया। एक अनुमान के अनुसार हड़ताल में 25 करोड से अधिक कर्मचारियों ने भाग लिया। 10 केंद्रीय मजदूर संगठनों के आह्वान पर आयोजित इस हड़ताल में भारतीय जनता पार्टी समर्थक भारतीय मजदूर संघ शामिल नही हुआ। मजदूर संघ ने इसे राजनीति से प्रेरित बताया है। बता दें कि भारत में पुड्डुचेरी , केरल, तमिलनाडु , आंध्र प्रदेश, कर्नाटक में भी मजदूरों ने हड़ताल की।
असम, मणिपुर, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में भी मजदूरों ने विरोध प्रदर्शन किया। मजदूर संगठनों का आरोप है कि केंद्र की भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार जनविरोधी नीतियां लागू कर रही है और आम जनता के खिलाफ फैसले ले रही है। मजदूर संगठन सार्वजनिक उपक्रमों में विनिवेश और इनका निजीकरण करने का विरोध कर रहे हैं। मजदूर संगठनों ने न्यूनतम पेंशन, न्यूनतम मजदूरी , सभी मजदूरों को सामाजिक दायरे में लाने और समान वेतन व्यवस्था की मांग की है।
मजदूर संगठन हाल ही में किए गए श्रमिक सुधारों का भी विरोध कर रहे हैं और मजदूरों का आरोप है कि इनसे उनके हितों को नुकसान पहुंचेगा। दूसरी ओर किसान हाल ही में पारित किए गए तीन कृषि संबंधी कानूनों का विरोध कर रहे हैं । इसके लिए देश भर के किसानों ने “ दिल्ली चलो ” का नारा देते हुए राजधानी की ओर कूच कर दिया है। किसानों को दिल्ली की सीमाओं पर रोका जा रहा है। किसानों को रोकने के लिए राज्यों में जगह जगह अवरोधक खड़े किए हैं। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश ,पंजाब, हरियाणा आदि से किसानों को रोकने की रिपोर्टें हैं।
