ऑपरेशन सिंदूर: अमृतसर और तरनतारन की सीमा से सटे गांव में स्थिति शांत

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
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अमृतसर/तरनतारन। भारत और पाकिस्तान के मध्य बुधवार को बढ़े तनाव के बीच दोनों सीमावर्ती अमृतसर तथा तरनतारन के गांवों में स्थिति शांत है और लोग रोजमर्रा के अपने काम करते नजर आए। भारतीय सशस्त्र बलों ने पहलगाम आतंकी हमले के दो सप्ताह बाद सख्त जवाबी कार्रवाई करते हुए मंगलवार देर रात पाकिस्तान और इसके कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किये, जिनमें आतंकवादी समूहों लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के गढ़ भी शामिल हैं। अधिकारियों ने विद्यालयों और अमृतसर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को बंद करने का आदेश दिया है।

हालांकि, दोनों जिलों में लोग शांत हैं। तरनतारन के सीमावर्ती गांव चिन्ना बिधि चंद के निवासी गुरमीत सिंह ने बताया कि गांव में किसी तरह की दहशत नहीं है। स्कूल बंद होने के कारण बच्चे अपने घरों में हैं। तरनतारन के सीमावर्ती गांव नौशहरा ढल्ला के रहने वाले सुच्चा सिंह ने कहा कि लोग अपने रोजमर्रा के कामों में व्यस्त हैं और किसान अपने खेतों में काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि किसी भी सरकारी अधिकारी ने लोगों को उनके घरों को छोड़ने या सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए नहीं कहा है।

तरनतारन जिले के सीमावर्ती गांव के एक अन्य ग्रामीण ने कहा कि किसी ने उन्हें घर छोड़ने के लिए नहीं कहा। ग्रामीण ने कहा, ‘‘गांव में स्थिति शांतिपूर्ण है।’’ अमृतसर जिले के अटारी, महावा, पुल मोहरा और भिखविंड के सीमावर्ती गांवों में भी स्थिति शांत नजर आई। अटारी में एक ग्रामीण ने बताया कि उन्हें दूसरी जगहों से रिश्तेदारों के फोन आ रहे हैं और वे स्थिति के बारे में जानना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि स्थिति शांतिपूर्ण है और वे बिल्कुल भी डरे हुए नहीं हैं।

हालांकि, जिन किसानों के खेत कंटीले बाड़ से परे हैं, उन्हें अपने खेतों में जाने की अनुमति नहीं दी गई है, क्योंकि अमृतसर और तरनतारन जिलों की सभी सीमाओं (भारत-पाकिस्तान से जुड़ी सीमा) पर गेट बंद हैं। इस बीच, लोग अपने वाहनों में ईंधन भरवाने के लिए पेट्रोल पंप पर कतारों में खड़े हुए नजर आए। अमृतसर हवाई अड्डे के निदेशक ने लिखित रूप से बताया कि सभी वाणिज्यिक/नागरिक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ान परिचालन 10 मई सुबह 5.30 बजे तक निलंबित कर दिये गये हैं। 

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