बरेली: टोल प्लाजा पर सैंपलिंग में लापरवाह हुआ स्वास्थ्य विभाग
बरेली,अमृत विचार। दिल्ली में कोरोना की दूसरी लहर को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने मिलकर टोल प्लाजा पर दिल्ली से आने वाले यात्रियों की सैंपलिंग शुरू की थी। इसका उद्देश्य कोरोना संक्रमण को थामने का था लेकिन अब विभाग के ही कर्मचारी अफसरों की इस कवायद …
बरेली,अमृत विचार। दिल्ली में कोरोना की दूसरी लहर को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने मिलकर टोल प्लाजा पर दिल्ली से आने वाले यात्रियों की सैंपलिंग शुरू की थी। इसका उद्देश्य कोरोना संक्रमण को थामने का था लेकिन अब विभाग के ही कर्मचारी अफसरों की इस कवायद को पलीता लगाते नजर आ रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जोर-शोर से झुमका चौराहे पर रोडवेज बसों में दिल्ली से आ रहे यात्रियों की सैंपलिंग शुरू की थी। इसके लिए फतेहगंज पश्चिमी की सीएचसी के स्वास्थ्यकर्मियों को तैनात किया गया था। चौराहे पर बसों को रोकने में हो रही दिक्कतों को लेकर बाद में यह शिविर टोल प्लाजा पर लगाया जाने लगा। इससे स्वास्थ्यकर्मियों को यात्रियों के सैंपल लेने में आसानी रही।
शुरू-शुरू में स्वास्थ्य विभाग के अफसर भी शिविर का निरीक्षण करने पहुंचे लेकिन अब शिथिल होते ही स्वास्थ्यकर्मी भी अपने दायित्वों का सही तरह से पालन नहीं कर रहे हैं। बुधवार को 12 बजे के बाद ही स्वास्थ्यकर्मी शिविर में पहुंचे तब तक दिल्ली-एनसीआर से आने वाली कई बसें शहर में प्रवेश कर चुकी थी। स्वास्थ्यकर्मियों की यह चूक कहीं कोरोना संक्रमण के फैलने का कारण न बन जाए। इस ओर स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को ध्यान देना होगा।
दिल्ली से प्राइवेट बसों में आ रहे लोग, न जांच, न निगरानी
दिल्ली में कोरोना संक्रमण के जोर पकड़ने के बाद यहां भी जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। प्रशासन, रोडवेज महकमा और स्वास्थ्य महकमा मिलकर दिल्ली से आने वाले यात्रियों का डाटा जुटाकर उनकी निगरानी करवा रहा है लेकिन दिल्ली से आने वाली प्राइवेट बसों से आने वाले यात्रियों की न तो जांच हो रही है न ही निगरानी की जा रही है।
कस्बे में कम से कम अलग-अलग स्थानों और ग्रामीणों क्षेत्रों काफी संख्या में प्राइवेट बसों का संचालन दिल्ली के लिए किया जाता है। इन प्राइवेट बसों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री दिल्ली क्षेत्र आते व जाते है। यहां अफसर रोडवेज बसों से आने वाले यात्रियों की जांच व निगरानी करवा रहे हैं लेकिन निजी बसों से आने वाले लोगों की जांच के लिए कोई इंतजाम नहीं है।
“दिल्ली-एनसीआर से आने वाले यात्रियों की लगातार सैंपलिंग और निगरानी की जा रही है। शिविर में स्वास्थ्यकर्मी कब पहुंचे है, इसका पता लगाकर ही कुछ कह पाऊंगा।” -डा.वीके शुक्ल, सीएमओ
