लखनऊ: सतर्क रहें जाड़े में बढ़ सकता है उच्च रक्तचाप का खतरा

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लखनऊ, अमृत विचार। जाड़े के मौसम में उच्च रक्तचाप की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए इस मौसम में उच्च रक्तचाप की समस्या से बचने के लिए विशेष सावधानी एवं सतर्कता की जरूरत है, जिससे इस खतरे से बचा जा सके। यह सलाह केंद्रीय होम्योपैथी परिषद के पूर्व सदस्य एवं वरिष्ठ चिकित्सक डॉ अनुरुद्ध वर्मा ने …

लखनऊ, अमृत विचार। जाड़े के मौसम में उच्च रक्तचाप की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए इस मौसम में उच्च रक्तचाप की समस्या से बचने के लिए विशेष सावधानी एवं सतर्कता की जरूरत है, जिससे इस खतरे से बचा जा सके। यह सलाह केंद्रीय होम्योपैथी परिषद के पूर्व सदस्य एवं वरिष्ठ चिकित्सक डॉ अनुरुद्ध वर्मा ने दी है।

डॉ अनुरुद्ध ने बताया कि जाड़े के मौसम में उच्च रक्तचाप बढ़ने के कारणों में, ठंड के कारण धमनियों का संकुचित हो जाना, रक्त में गाढ़ापन हो जाना, धमनियों में अवरोध के कारण मस्तिष्क में रक्त संचार की कमी हो जाना, पसीना कम निकलने के कारण रक्त में नमक की सान्द्रता बढ़ जाना, आलस्य के कारण व्यायाम, योगासन, शारीरिक गतिविधियां आदि क्रियाएं कम हो जाना, फास्ट फूड, डिब्बा बंद भोजन और वसायुक्त भोजन का प्रयोग बढ़ जाना आदि प्रमुख हैं।

डॉ अनुरुद्ध ने बताया कि शीतकालीन उच्च रक्तचाप के कारण ब्रेन हेमरेज अथवा ब्रेन स्ट्रोक, हार्ट अटैक अथवा हार्ट ब्लॉक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि जाड़े के मौसम में उच्च रक्तचाप से बचाव के लिए जरूरी है कि ठंडक से बचा जाय, सुबह अच्छी तरह वार्म अप करके ही बाहर टहलने निकला जाय, रोज सुबह घर में ही व्यायाम किया जाय, सुबह पूरे शरीर में तेल की मालिश कर यदि संभव हो तो कुछ समय तक धूप का सेवन किया जाय

उन्होंने बताया कि नहाने से पहले तेल मालिश अवश्य की जाय, हरी सब्जियों सलाद फल और दूध का सेवन किया जाय, शहद का सेवन करें तथा भोजन में नमक की मात्रा कम करें, गर्म वस्त्रों अथवा अन्य साधनों से शरीर के तापमान को नियंत्रित किया जाय, भोजन में विटामिन डी,सी और बी12 की मात्रा कुछ बढ़ाई जाय, फास्ट फूड और अत्यधिक तैलीय भोजन से बचा जाय, गुनगुना पानी ही पिया जाय, शराब, धूम्रपान के प्रयोगों से बचा जाए, गर्म कमरे से एकदम से बाहर न निकला जाए।

उन्होंने बताया कि होम्योपैथी में अनेक दवाइयां उपलब्ध हैं जो उच्च रक्तचाप की समस्या के समाधान में प्रभावी हैं जिन्हें केवल होम्योपैथिक चिकित्सक की राय से लेना चाहिए। इन औषधियों में एकोनाइट, जेल्सीमियम, आरम मेटालिकम, बेराइटा म्यूर, लैकेसिस, थूजा, क्रेटेगस आक्स, आर्निका माण्ट, जिंजिबर, वेरेट्रमब विरिडी, राउल्फिया सर्पेन्टाइना, लाइकोपस, इग्नेशिया आदि प्रमुख हैं। होम्योपैथिक औषधियां प्राकृतिक, सौम्य और पूरी तरह सुरक्षित हैं तथा शरीर पर किसी प्रकार का दुष्परिणाम नहीं उत्पन करती हैं।

उन्होंने बताया कि उच्च रक्तचाप के बचाव एवं उपचार के संबंध में मोबाइल नंबर 9415975558 पर निःशुल्क परामर्श प्राप्त किया जा सकता है।

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