बरेली: एंटी रैगिंग कमेटी ने छात्र और शिक्षकों से की पूछताछ
बरेली,अमृत विचार। बरेली कॉलेज में एलएलबी प्रथम सेमेस्टर के छात्र वंशु चतुर्वेदी से रैगिंग के मामले में एंटी रैगिंग कमेटी ने सोमवार से मामले की जांच शुरू कर दी है। कमेटी ने पहले दिन विधि विभाग में जाकर निरीक्षण किया और विधि विभागाध्यक्ष व अन्य शिक्षकों से पूछताछ की। उसके बाद कमेटी ने पीड़ित छात्र …
बरेली,अमृत विचार। बरेली कॉलेज में एलएलबी प्रथम सेमेस्टर के छात्र वंशु चतुर्वेदी से रैगिंग के मामले में एंटी रैगिंग कमेटी ने सोमवार से मामले की जांच शुरू कर दी है। कमेटी ने पहले दिन विधि विभाग में जाकर निरीक्षण किया और विधि विभागाध्यक्ष व अन्य शिक्षकों से पूछताछ की। उसके बाद कमेटी ने पीड़ित छात्र वंश चतुर्वेदी से भी पूछताछ की। कमेटी जल्द ही आरोपी छात्रों से भी पूछताछ करेगी।
वहीं इस मामले को लेकर पुलिस ने भी अपनी जांच शुरू कर दी है। सोमवार को बारादरी इंस्पेक्टर शितांशु शर्मा भी बरेली कॉलेज पहुंचे। उन्होंने प्राचार्य डा. अनुराग मोहन और चीफ प्रॉक्टर वंदना शर्मा से इस मामले को लेकर जानकारी ली।
बता दें कि गुरुवार को एलएलबी प्रथम वर्ष के छात्र वंश चतुर्वेदी ने सीनियर छात्र राशित मेवाती व उसके 10-12 साथियों पर परिचय लेने के बहाने रैगिंग करने का आरोप लगाया था। आरोप था कि कुछ घंटे बाद सीनियर छात्रों ने कक्षा में घुसकर उसके साथ मारपीट की थी और उसका गला दबाया था।
छात्र ने प्राचार्य व चीफ प्रॉक्टर से मामले की शिकायत की थी, जिसके बाद मामले की जांच शनिवार को एंटी रैगिंग कमेटी को सौंप दी गई थी। इस मामले में वंश की शिकायत पर प्राचार्य की ओर से बारादरी पुलिस को तहरीर दी गई थी, जिसके बाद शुक्रवार को पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। एंटी रैगिंग कमेटी के पास लिखित जांच शनिवार को पहुंची, जिसके बाद कमेटी के अध्यक्ष डा. एचवी सिंह ने फोन पर पीड़ित विद्यार्थी व विधि विभाग के शिक्षकों से जानकारी ली थी। इसको लेकर शनिवार को विद्यार्थियों व शिक्षकों के उपस्थति रजिस्टर भी मांगे थे।
सोमवार दोपहर को अध्यक्ष एचवी सिंह और सचिव गरिमा अग्रवाल प्राचार्य के पास पहुंचे और उसके बाद चीफ प्रॉक्टर के साथ जांच करने के लिए विधि विभाग में पहुंचे। यहां पर उन्होंने विधि विभागाध्यक्ष डा. नसीम अख्तर से रैगिंग को लेकर जानकारी ली। उसके बाद उन्होंने पीड़ित छात्र वंश को बुलाकर पूछताछ की। वंश ने अपने साथ हुआ पूरा घटनाक्रम कमेटी को मौखिक बता दिया है। एक प्रतियोगिता की वजह से वंश को जाना पड़ा। कमेटी ने वंश को पूरी विस्तृत जानकारी लिखित में प्राचार्य के माध्यम से देने के लिए कहा है। कमेटी ने शिक्षकों से भी रिपोर्ट मांगी है।
विद्यार्थी हैं परेशान
रैगिंग के मामले में कॉलेज प्रशासन के द्वारा तुरंत एक्शन लेकर आरोपी छात्र का कॉलेज में प्रवेश प्रतिबंधित करने और रिपोर्ट दर्ज करने के मामले के बाद अन्य विद्यार्थी परेशान हो गए हैं। विद्यार्थियों को डर सता रहा है कि कहीं जूनियर से पूछताछ करने पर उनपर भी आरोप न लग जाएं। यह भी सामने आया है कि रैगिंग की वजह विधि विभाग में जूनियर छात्रों की कक्षाएं संचालित होना भी बताया जा रहा है, क्योंकि सीनियर की कक्षाएं संचालित नहीं हो रही थीं। इसको लेकर दूसरे दिन कुछ सीनियर छात्रों ने कक्षाएं न चलाने का विरोध भी किया था, जिसके बाद प्राचार्य ने कक्षा लेने के लिए शिक्षकों को भेजा था।
“रैगिंग के मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पीड़ित छात्र से पूछताछ की गई है। शिक्षकों से भी जानकारी ली गई है। जांच के बाद रिपोर्ट सौंपी जाएगी।” -प्रो. एचवी सिंह, अध्यक्ष एंटी रैगिंग कमेटी
