साहब! मैं अभी ज़िंदा हूं, मुझे पेंशन दिलवा दीजिए... बुजुर्ग ने SDM से लगाई न्याय की गुहार, जानें पूरा मामला

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Edited By Amrit Vichar
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बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में नानपारा तहसील के ककरी गांव के निवासी राम मूरत (65) खुद को कागजातों में जिंदा कराने के लिए समाज कल्याण विभाग के चक्कर काट रहा है। समाज कल्याण विभाग की कारगुजारियों के चलते रामसूरत को कागज़ों में मृत घोषित कर दिया है, जिसके चलते उसकी पेंशन रोक दी गई है।

अपनी ज़िंदगी का प्रमाण लेकर राम मूरत एसडीएम कार्यालय पहुंचा और गुहार लगाते हुए कहा, “ साहब, मैं अभी ज़िंदा हूं, मुझे समाज कल्याण से पेंशन दिलवा दीजिए।” पीड़ित राम मूरत के अनुसार, समाज कल्याण विभाग ने वर्ष 2023 में उसे मृत घोषित कर दिया था, जिसके बाद से उसकी पेंशन बंद कर दी गई। 

उन्होंने विभाग के अधिकारियों से कई बार संपर्क कर अपने जिंदा होने का प्रमाण देने की कोशिश की, लेकिन दो साल बीत जाने के बावजूद उन्हें विभाग के रिकॉर्ड में जीवित नहीं किया गया। अपनी परेशानी से तंग आकर राम मूरत ने नगर पालिका की पूर्व अध्यक्ष नसीबुन निशा से मदद मांगी। सपा नेत्री ने उन्हें तहसील समाधान दिवस में शिकायत करने की सलाह दी। 

निशा के सहयोग से राम मूरत तहसील नानपारा पहुंचे और एसडीएम के समक्ष अपनी समस्या रखी। इस मामले में एसडीएम नानपारा लालधर यादव ने बताया कि उन्हें राम मूरत का शिकायती प्रार्थना पत्र प्राप्त हो गया है। उन्होंने संबंधित विभाग को मामले की जांच करने के निर्देश दे दिए हैं। 

उन्होंने आश्वासन दिया कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, राम मूरत अभी भी चिंतित हैं। उसका कहना है “साहब के विभाग में बाबू हमें कब अपने रजिस्टर में ज़िंदा दिखाएंगे, यह पता नहीं। लेकिन मैं अपने को ज़िंदा साबित करके रहूंगा।” इस घटना ने समाज कल्याण विभाग के कामकाज पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 

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