मुरादाबाद : बाढ़ से बही दूसरी एप्रोच, किसानो का खेतों से टूटा संपर्क
विकनपुर पुल पर आवागमन ठप, बच्चों को स्कूल तक पहुंचने हो रही दुश्वारियां
मुरादाबाद, अमृत विचार: विकनपुर पुल के दूसरी एप्रोच बहने से अब पुल पर आवागमन ठप होने से किसानों की खेती बुरी तरह प्रभावित हो रही है। खेतों में खड़ी फसल की देखभाल और मंडी तक फसल पहुंचना मुश्किल हो गया है। किसान परेशान हैं कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो साल भर की मेहनत बर्बाद हो सकती है।
विभागीय प्रस्तावों की उलझन में विकनपुर पुल को निर्माण लंबे समय के लिए अटक गया है। गोविंदपुर कला, मिलक विकनपुर, गतौरा, सुल्तानपुर, बढ़पुरा, लोदीपुर बासु, जटनी, मोहम्मदपुर, दौलतपुर अजमतपुर, रसूलपुर नगली, लालाटीकर, रोंडाझोंडा समेत 30 से 40 गांव के लोगों को अपने खेतों और महानगर आने जाने का रास्ता बंद सा हो गया है। जो कारोबार के सिलसिले से दिन में दो बार शहर आते थे उनके कारोबार ठप हो गए है।
पीडब्ल्यूडी की ढलाई और अनदेखी से पहले पुल का अस्थायी निर्माण कराने का प्रस्ताव रखा था। लेकिन बाद में स्थायी निर्माण का नया प्रस्ताव तैयार किया गया। दोनों प्रस्तावों के बीच विभाग की खींचतान के चलते निर्माण कार्य ठप पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग लचीला रवैया अपनाकर समय ही गंवा रहा है। आस पास के ग्रामीणों स्थानीय नेताओं पर नाराजगी दिखाई पड़ रही है। ग्रामीणों ने सत्ताधारी स्थानीय नेताओं पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि चुनावी वादों में पुल निर्माण को मुद्दा बनाया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। जब पुल टूट गया तो हमें आश्वासन मिले, लेकिन जमीनी स्तर पर आज तक काम शुरू नहीं हुआ। पुल की एक एप्रोच बची लेकिन इस बार आई बाढ़ के तेज बहाव से बची एप्रोच भी बह गई है। सैकड़ों ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से पुल का स्थायी निर्माण तुरंत शुरू करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यह पुल केवल संरचना नहीं बल्कि उनकी आजीविका की डोर है।
विनकपुर पुल को पहले स्थाई निर्माण के प्रस्ताव बन गया था। लेकिन बारिश के आने के बाद बाढ़ की संभावना से प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया गया। जिसके बाद पुल की मरम्मत आनन फानन कराने के लिए अस्थाई प्रस्ताव बनाया गया। जिसके कारण दो प्रस्ताव पास होने के बाद अब पुल का निर्माण कार्य फंसा है। -एसपी सिंह, अधीक्षण अभियंता, लोक निर्माण विभाग।
