भारत-चीन संबंधों में लगातार प्रगति हुई... चीनी विदेश मंत्री से मुलाकात के बाद बोले पीएम मोदी
नई दिल्ली। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने मंगलवार शाम को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की और उन्हें चीन में इस महीने के अंत में होने वाले शंघाई शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए चीन के राष्ट्रपति की ओर से निमंत्रण दिया। चीन के विदेश मंत्री ने भारतीय विदेश मंत्री डॉक्टर एस जयशंकर के साथ अपनी द्विपक्षीय वार्ता और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ सीमा मुद्दे पर विशेष प्रतिनिधि स्तर की बैठक के बारे में अपना आकलन भी प्रधानमंत्री के साथ साझा किया।
भारत-चीन संबंधों में लगातार प्रगति हुई: प्रधानमंत्री मोदी
चीनी विदेश मंत्री से मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पिछले 10 महीनों में भारत-चीन संबंधों में एक-दूसरे के हितों और संवेदनशीलता के सम्मान के साथ लगातार प्रगति हुई है। मोदी ने यह बात चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कही।
प्रधानमंत्री ने पिछले वर्ष अक्टूबर में रूसी शहर कज़ान में एक बहुपक्षीय कार्यक्रम के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ हुई अपनी वार्ता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, ‘‘विदेश मंत्री वांग यी से मिलकर खुशी हुई। पिछले वर्ष कज़ान में राष्ट्रपति शी के साथ मेरी मुलाकात के बाद से भारत-चीन संबंधों में एक-दूसरे के हितों और संवेदनशीलता के सम्मान के साथ निरंतर प्रगति हुई है।’’
मोदी ने कहा, ‘‘मैं एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान तियानजिन में होने वाली हमारी अगली बैठक को लेकर आशान्वित हूं। भारत और चीन के बीच स्थिर, पूर्वानुमानित, रचनात्मक संबंध क्षेत्रीय और वैश्विक शांति एवं समृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।’’
वांग यी ने SCO शिखर सम्मेलन का दिया निमंत्रण
प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक वक्तव्य जारी कर कहा कि वांग ने तियानजिन में एससीओ शिखर सम्मेलन के लिए राष्ट्रपति शी का संदेश और निमंत्रण प्रधानमंत्री को सौंपा। उन्होंने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बैठक और विशेष प्रतिनिधियों की 24वीं बैठक के बारे में अपना सकारात्मक मूल्यांकन भी साझा किया।
प्रधानमंत्री ने सीमा पर शांति और सौहार्द बनाए रखने के महत्व पर बल दिया और सीमा प्रश्न के निष्पक्ष, उचित और पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। प्रधानमंत्री ने पिछले वर्ष कज़ान में राष्ट्रपति शी के साथ अपनी बैठक के बाद से द्विपक्षीय संबंधों में निरंतर और सकारात्मक प्रगति का स्वागत किया, जो कैलाश मानसरोवर यात्रा की बहाली सहित पारस्परिक सम्मान, पारस्परिक हित और पारस्परिक संवेदनशीलता पर आधारित है।
मोदी ने एससीओ शिखर सम्मेलन के निमंत्रण के लिए राष्ट्रपति शी को धन्यवाद दिया और अपनी स्वीकृति व्यक्त की। उन्होंने एससीओ शिखर सम्मेलन की चीन द्वारा अध्यक्षता किए जाने के प्रति समर्थन व्यक्त किया और कहा कि वे तियानजिन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलने के लिए उत्सुक हैं। प्रधानमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत और चीन के बीच स्थिर, विश्वसनीय और रचनात्मक संबंध क्षेत्रीय और वैश्विक शांति एवं समृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
