फर्जीवाड़ा : विकास कार्यों के नाम पर किया 8.97 लाख का खेल
पीलीभीत, अमृत विचार। ग्राम पंचायत में विकास कार्य कराने के नाम पर लाखों रुपये का फर्जीवाड़ा कर रकम हड़प ली गई। शिकायत के बाद हुई जांच में खुलासा होने के बाद डीएम ने ग्राम पंचायत रिछोला घासी की प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए। वहीं उन्होंने जांच में दोषी मिले पंचायत सचिव, रोजगार सेवक और कंसल्टिंग इंजीनियर के विरुद्ध भी कार्रवाई करने आदेश जारी किए हैं।
मामला बीसलपुर ब्लाक की ग्राम पंचायत रिछोला घासी का है। गांव निवासी देवस्वरूप गंगवार, महेंद्र पाल आदि ने तत्कालीन डीएम को सौंपे शिकायती पत्र में प्रधान पर विकास कार्य स्वयं न कराकर पति द्वारा कराने एवं विकास कार्यों की रकम सचिव मिलकर हड़पने का आरोप लगाते हुए जांच कर कार्रवाई करने की मांग की थी। जिस पर तत्कालीन डीएम ने प्रकरण की जांच के लिए जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी अशोक कुमार एवं ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के जेई सालिगराम को जांच अधिकारी नामित करने हुए जांच करने के निर्देश दिए थे। जांच टीम ने गांव पहुंचकर मामले की जांच की।
इसके बाद टीम ने प्रथम दृष्टया ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव, रोजगार सेवक, खंड विकास अधिकारी/कार्यक्रम अधिकारी को ग्राम निधि एवं मनरेगा योजना के अंतर्गत 8,97,852 रुपये गबन का दोषी पाते हुए जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी। डीएम के निर्देश पर सभी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 15 दिन में स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में प्रधान अनीता देवी, तत्कालीन खंड विकास अधिकारी/कार्यक्रम अधिकारी अमित शुक्ला, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी अनामिका गंगवार ने जवाब दाखिल किया।
वहीं सचिव एवं रोजगार सेवक ने कोई लिखित स्पष्टीकरण दाखिल नहीं किया। ग्राम प्रधान, तत्कालीन खंड विकास अधिकारी/ कार्यक्रम अधिकारी, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाए गए। इस पर डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने ग्राम निधि से कराए गए कार्यों में 4,60,824 रुपये का गबन करने में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर ग्राम पंचायत रिछोला घासी की ग्राम प्रधान अनीता देवी के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों पर रोक लगा दी।
वहीं मनरेगा योजना के अंतर्गत श्रमिकों को बिना कार्य कराए फर्जी हाजिरी लगाकर हड़पी गई 4,37,028 रुपये के संबंध में प्रधान, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी एवं तत्कालीन कार्यक्रम अधिकारी बीसलपुर के द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण का अंतिम जांच समिति की जांच के बाद जांच आख्या प्राप्त होने के बाद कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
दो सचिव समेत चार के विरुद्ध भी कार्रवाई के निर्देश
डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने ग्राम पंचायत रिछोला घासी की प्रथम दृष्टया जांच में दोषी मिले दो सचिवों, रोजगार सेवक ओर कंसल्टिंग इंजीनियर के विरुद्ध भी कार्रवाई करने के आदेश जारी किया है। जारी आदेश में डीडीओ को वर्तमान सचिव विजय कुमार तिवारी एवं तत्कालीन निलंबित सचिव कमल किशोर के विरुद्ध अनुशासनात्क कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। वहीं उपायुक्त श्रम रोजगार को रोजगार सेवक के विरुद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई और डीपीआरओ को कंसल्टिंग इंजीनियर राहुल राना को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
प्रभारी डीपीआरओ डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायत रिछोला घासी की जांच में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता पाई गई है। जिस पर जिलाधिकारी द्वारा ग्राम पंचायत की ग्राम प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों पर प्रतिबंध लगाया गया है। जांच में दोषी मिले अन्य कर्मियों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
