Amroha : सांप के डसने से महिला की मौत, परिजन कराते रहे झाड़फूंक
अमरोहा, अमृत विचार। क्षेत्र के गांव निवासिनी महिला को सांप ने डस लिया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। तब परिजनों को एक वैध से उसकी जिंदगी की आस लगाई। वैध के कहने पर परिजन महिला को गंगा तट पर ले गए हैं और वहीं झाड़फूंक करा रहे हैं और उसकी जिंदगी की दुआ कर रहे हैं। वहीं क्षेत्र के शिक्षित लोग इस घटना को अंधविश्वास मान रहे हैं। हालांकि परिजनों को आस है कि महिला जीवित हो जाएगी।
हसनपुर क्षेत्र के गांव रहरा थाना क्षेत्र के गांव हिरनौआ निवासिनी रुकेश देवी (40) मंगलवार को साफ सफाई कर रहीं थी। इसी दौरान उन्हें सांप ने डस लिया। परिजन रूकेश को लेकर तुरंत सीएचसी रहरा पहुंचे, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया।
कुछ लोगों के कहने पर शुरू किया झाड़ फूंक
रुकेश की मौत के बाद परिजन गंगानगर स्थित गंगा तट पर जल प्रवाह के लिए शव लेकर पहुंचे। तब वहां मौजूद कुछ लोगों ने बताया कि पड़ोस के एक गांव में एक वैध रहता है। जो पीआरडी में है। वह सर्प दंश का शिकार हुए लोगों को इलाज झाड़फूक से करता है। इसके बाद परिजनों ने शव को रस्सी के सहारे गंगा तट पर बांध दिया और वैध को बुला लाए। वैध ने महिला का झाड़फूक करके मुंह में नली के द्वारा दवाइयां डाली। उसका इलाज किया जा रहा है।
झोलाछाप की ली राय
परिजनों ने बताया कि झाड़ फूंक के बाद बुधवार शाम उन्होंने वहां पड़ोस के एक निजी चिकित्सक को बुलाया। जिसने महिला के मृत शरीर को जांच कर बताया है कि झाड़ फूंक के इलाज के बाद गर्माहट लौट रही है। परिजनों का कहना है कि मृत महिला के चेहरे को देखने में उन्हें पहले के मुताबिक कुछ सुधार लग रहा है। हालांकि यह तो वक्त बताएगा कि झाड़ फूंक के साथ मृत महिला के परिजनों की दुआएं कितना काम करती हैं। खबर लिखे जाने तक गंगानगर घाट पर महिला का इलाज जारी था।
बोले चिकित्सक
डा.उमेश नागर ने बताया कि चिकित्सा के अनुसार महिला या पुरुष की मृत्यु होने के बाद पीक समय( 5 से 7 मिनट) में उसके हृदय और फेफड़ों के साथ पूरा शरीर काम करना बंद कर देता है। इसके बावजूद भी यदि कोई व्यक्ति दोबारा जीवित हो जाता है तो इसे कुदरत का करिश्मा ही कहा जा सकता है। वैसे महिला को डॉक्टरों ने मृत घोषित किया है, तो ये उसके परिजनों का भ्रम है।
