ऊर्जा विद्युत उत्पादन की डबल होगी रफ्तार, सोलर-हाइड्रो पावर के साथ इन क्षेत्रों में कार्य कर रही सरकार

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Published By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार: उत्तर प्रदेश की सौर ऊर्जा विद्युत उत्पादन क्षमता में बढ़ोत्तरी करते हुए 2025 में 5157 मेगावाट की क्षमता बढ़ाकर शीघ्र ही क्षमता 10000 मेगावाट हो जायेगी। 2017 तक यह क्षमता मात्र 389 मेगावाट थी। प्रदेश ने अपनी सौर ऊर्जा नीति व जैव ऊर्जा नीति समय से प्रख्यापित करके हरित ऊर्जा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बन गया। यह जानकारी साझा करते हुए ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने बताया कि हम सोलर और हाइड्रो पावर के साथ-साथ थर्मल पावर व बायोपावर का उत्पादन बढ़ाने के लिए कार्य कर रहे हैं।

ऊर्जा मंत्री गुरुवार को राजधानी लखनऊ के सेट्रम होटल में पर्यावरण पर आधारित नेट जीरो सम्मिट को सम्बोधित कर रहे थे। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में सोलर ऊर्जा के लिए असीम सम्भावनाएं है। हम अपने घरों की छतों, कम उपयोगी जमीनों तथा राजमार्गों के किनारे सोलर प्लांट लगवा सकते हैं। इसके लिए राज्य सरकार व केन्द्र सरकार द्वारा सब्सिडी भी दी जा रही है तथा बैंकों द्वारा ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

सौर ऊर्जा अपनाकर हम न सिर्फ अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा कर सकते हैं बल्कि आर्थिक लाभ भी अर्जित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या प्रदेश की पहली सोलर सिटी के रूप में विकसित की गयी है। यहां की स्ट्रीट लाइट सर्किट, हाउस सोलर ऊर्जा से संचालित हो रहे हैं। इसके अतिरिक्त यहां सोलर ऊर्जा द्वारा मोटर वोट भी संचालित की जा रही है।


ऊर्जा मंत्री ने कहा कि हरित ऊर्जा का विकास समय की आवश्यकता है और प्रदेश इस दिशा में योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है। हम हरित ऊर्जा के तीव्र विकास के साथ प्रति व्यक्ति ऊर्जा उपभोग की दर को भी बढ़ा रहे हैं और इसके लिए आवश्यकतानुसार थर्मल पावर की उत्पादन क्षमता बढ़ाने का भी कार्य किया गया है। उन्होंने बताया कि बीते तीन वर्षों में हमने पनकी, ओबरा, जवाहरपुर, घाटमपुर और खुर्जा में लगभग 4700 मेगावाट की पांच थर्मल पावर परियोजनायें लगाई गयी है। जिनमें उत्पादन शुरू हो गया है तथा 6000 मेगावाट की परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। वर्तमान में प्रदेश की कुल विद्युत उत्पादन क्षमता लगभग 21000 मेगावाट है जो वर्ष 2017 के सापेक्ष लगभग दो गुना है, इसमें थर्मल, सोलर व हाइड्रोपावर भी शामिल है।

एमएसएमई सेक्टर की आवश्यकता बनेगी ग्रीन एनर्जी

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि आने वाले कुछ वर्षों में ग्रीन एनर्जी हमारे एमएसएमई सेक्टर की आवश्यकता बन सकती है इसलिए हमें भावी चुनौतियों के प्रति सजग रहते हुए कार्य करना है। हमारी सरकार पर्यावरण को क्षति पहुचांये बिना ऊर्जा उत्पादन के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन इससे पूर्व हमारा उद्देश्य अपने सभी नागरिकों तक ऊर्जा पहुंच व उपभोग का स्तर बढ़ाना है। एके शर्मा ने कहा कि विद्युत उत्पादन के साथ, विद्युत वितरण में भी उत्कृष्ट कार्य भी हुआ है।

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