पीलीभीत: 51 परिवारों ने नहीं सुधारी भूल, मुक्तिधाम समिति ने कराया तर्पण..विधि विधान से सिराहे फूल

Amrit Vichar Network
Edited By Pradeep Kumar
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पीलीभीत, अमृत विचार: भौतिकतावादी समाज में रिश्तों की अहमियत खत्म होती जा रही है। दुनिया से जुदा हुए तो उसकी यादें भी धुंधली होने लगीं। श्राद्ध पक्ष की शुरुआत के बाद जहां एक तरफ पितरों का पूजन चल रहा है। वहीं, कई परिवार ऐसे भी रहे, जो अपनों के दिवंगत होने के बाद उन्हें भूल गए। माता-पिता या परिजनों की अस्थियां लेने की जहमत नहीं भी नहीं उठाई गई। ऐसे ही 51 दिवंगत लोगों का तर्पण मुक्ति धाम सेवा समिति के सदस्यों की ओर से विधि विधान ने कराया गया। मुक्तिधाम परिसर में हवन पूजन किया गया और फिर बदायूं के कछला घाट पर 51 अस्थि कलश विसर्जित कर दिए गए।  

बता दें कि सात सितंबर से पितृपक्ष शुरू हो चुके हैं, जोकि 21 सितंबर तक चलेंगे। पितृपक्ष को श्राद्ध भी कहा जाता है। पूर्वजों की आत्मा शांति के लिए पिंडदान, तर्पण और ब्रह्मभोज कराने से पितरों की कृपा बनी रहती है। साथ ही वह प्रसन्न होते हैं। ऐसे में घर-घर पितृपक्ष के दिनों में पितरों का पूजन किया जा रहा है। मगर, कई ऐसे भी परिवार रहे जोकि परलोक सिधार चुके अपनों को भूल गए। मृत्यु के बाद अस्थियों को गंगा में विसर्जन करने की भी जहमत नहीं उठाई। शहर स्थित मुक्तिधाम में 51 अस्थि कलश लंबे समय से रखे हुए थे, जिनके परिवार अपनों के फूल सिरहाना ही भूल गए। संपर्क कर उन्हें उनका कर्तव्य याद दिलाने का भी मुक्तिधाम समिति की ओर से काफी प्रयास किया गया। मगर, इसका कोई असर नहीं पड़ा। ये अस्थित एक साल तो कई उससे भी अधिक समय से मुक्तिधाम परिसर में रखे हुए थे। मुक्तिधाम सेवा समिति हर वर्ष ऐसी अस्थियों का तर्पण करती है, जिनको उनके परिजन लेने नहीं आए। मुक्तिधाम सेवा समिति हर वर्ष ऐसी अस्थियों का पूरे विधि विधान से विसर्जन करती है। इसी क्रम में शुक्रवार सुबह मुक्तिधाम पर हवन पूजन कराया गया। यजमान समिति के पूर्व सचिव देवेश बंसल और उनकी पत्नी मोनिका बंसल रहे। कृष्ण अवतार कंसल और भूप दत्त ने यह हवन पूजन संपन्न कराया। अस्थियों पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। इसके बाद मुक्तिधाम सेवा समिति सदस्यों की एक टीम अस्थि कलश लेकर बदायूं के कछला नदी तट पर पहुंची।वहां पर अस्थियों का  विधि विधान से तर्पण किया गया। तर्पण करने के बाद कछला नदी तट पर ही गरीबों को भोजन कराया गया। दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई। इस मौके पर अध्यक्ष संजय अग्रवाल, सचिव दिलीप अग्रवाल गुड्डू,  मनोज पटेल, नीरज रस्तोगी, विमल सेन, राजेश हांडा, भगवान दास, ओंकार, रवि कुमार, अभिषेक सिंह गोल्डी आदि थे।

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