Digital Arrest: दिल्ली पुलिस बन बीएसएफ इंस्पेक्टर के भाई को किया डिजिटल अरेस्ट
दो घंटे तक मनी लांड्रिंग व तमाम आरोप लगाकर धमकाया, ऐंठे 1 लाख
लखनऊ, अमृत विचार। दिल्ली पुलिस बनकर साइबर ठग ने बीएसएफ इंस्पेक्टर के भाई को दो घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रखा। मनी लांड्रिंग का आरोप मढ़कर जेल भेजने की धमकी दी। फिर जांच की बात खाते में करीब एक लाख रुपये ट्रांसफर कराए। बीएसएफ में तैनात भाई को आपबीती बतायी ताे ठगी का पता चला।
पीड़ित ने कृष्णानगर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। इंस्पेक्टर पीके सिंह ने बताया कि साइबर क्राइम सेल की मदद से मामले की जांच की जा रही है। आलमबाग के कृष्णापल्ली निवासी विनय कुमार गुप्ता ने बताया कि 25 अगस्त की सुबह करीब 9:13 बजे एक कॉल आयी। कहा गया कि सिमकार्ड दो घंटे बाद बंद कर दिया जाएगा।
अधिक जानकारी के लिए कॉल ट्रांसफर की गयी। फाेन के पीछे मौजूद शख्स ने खुद को टेलीकॉम विभाग दिल्ली से सुरेश कुमार बताया। बताया कि आपकी आईडी से दिल्ली में 20 मार्च को सिमकार्ड जारी हुआ है। जिसका इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों में हुआ है। आप पर एफआईआर दर्ज है। इसीलिए उक्त आईडी के सभी सिम बंद करने का आदेश हुआ है।
यही नहीं ठग ने दिल्ली पुलिस से संपर्क करने की बात कहते हुए कॉल ट्रांसफर की। जालसाज ने दिल्ली पुलिस से सुनील कुमार बनकर वीडियो कॉल के माध्यम से बयान दर्ज करने की बात कही। वीडियो कॉल कर आईडी दिखाते हुए सीनियर से बात करायी। बोला कि अब आप किसी से संपर्क नहीं करेंगे।
यह गोपनीय प्रकिया है। जालसाज ने परिवार और खाता संबंधी जानकारी ली। फिर मनी लांड्रिंग की बात कहकर डराया। फिर कहा कि खाते में जमा रुपये की जांच की जाएगी। अगर सब सही है तो दो दिन में रुपये वापस कर दिल्ली पुलिस से एनओसी मिल जाएगी।
पीड़ित को करीब दो घंटे तक डिजिटल अरेस्ट कर दो खातों में 98,401 रुपये ट्रांसफर कराए। जालसाज ने कुछ देर बाद दोबारा कॉल करने की बात कही। पीड़ित विनय ने बीएसएफ में तैनात भाई इंस्पेक्टर विजय कुमार को कॉल कर सारी बात बतायी तो ठगी का पता चला। पीड़ित ने कृष्णानगर कोतवाली में शुक्रवार को रिपोर्ट दर्ज करायी है।
