बाराबंकी: विवादों में ठेकों की नीलामी प्रक्रिया, पारदर्शिता पर उठे सवाल
देवा/बाराबंकी, अमृत विचार। देवा मेला की नीलामी प्रक्रियाएं एक बार फिर विवादों में घिर गई हैं। 10 सितंबर को पशु बाजार की नीलामी के बाद अब 11 सितंबर को लोडिंग-अनलोडिंग टेंडर को लेकर भी पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठे हैं। पशु बाजार की नीलामी उस समय स्थगित करनी पड़ी जब जमानत राशि जमा करने के बावजूद ठेकेदार बिना बोली लगाए नीलामी कक्ष से बाहर निकल आए।
ठेकेदारों का आरोप था कि नीलामी अधिकारियों ने तय सीमा से अधिक बोली लगाने की अनिवार्यता थोप दी और आपदा के हालात में राहत देने से इनकार कर दिया।अब लोडिंग-अनलोडिंग ठेके को लेकर भी विवाद सामने आया है। ठेकेदार अंकित सिन्हा ने जिलाधिकारी को शिकायत देते हुए आरोप लगाया कि वे सात लाख रुपये तक की बोली लगाने को तैयार थे, फिर भी उन्हें नीलामी स्थल में प्रवेश नहीं दिया गया।
उन्होंने समिति पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि ठेका 6.50 लाख रुपये में मनमाने ढंग से दे दिया गया। लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने मेला प्रशासन की साख को झटका दिया है। ठेकेदारों का कहना है कि यदि प्रक्रियाएं पारदर्शी नहीं रहीं तो इससे न केवल राजस्व की हानि होगी बल्कि प्रशासन की छवि भी प्रभावित होगी।
