रामपुर : गाली-गलौज और धमकाने के मामले में अब्दुल्ला आजम सहित दो बरी

Amrit Vichar Network
Edited By Pradeep Kumar
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एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में हो रही थी सुनवाई

रामपुर, अमृत विचार: गाली-गलौज जान से मारने की धमकी देने के मामले में एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खां व उनके करीबी रहे फसाहत शानू को बरी कर दिया है। शुक्रवार को अब्दुल्ला आजम खां कोर्ट में पेश हुए थे।

गंज थाना क्षेत्र के मोहल्ला सतूने संग निवासी फैसल लाला मौजूदा समय में आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष है। 14 जुलाई 2019 को गंज थाने में तहरीर देकर कहा था कि में सपा नेता आजम खां का विरोधी हूं। इसलिए आजम खां उनका बेटा अब्दुल्ला आजम  खां उनसे रंजिश रखते हैं। जौहर ट्रस्ट द्वारा आलियागंज के किसानों और यमीतखाने बस्ती की जमीनों पर कब्जा कर लिया था। इस मामले में आठ जुलाई 2019 को राज्यपाल से लखनऊ में मुलाकात करके शिकायत दर्ज कराई थी। जिसके बाद से अब्दुल्ला आजम खां, उनके करीबी रहे फसाहत शानू और जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन सलीम कासिम ने रास्ते में रोककर उनके साथ गाली-गलौज की थी और जान से मारने की धमकी भी दी। जिसके बाद गंज पुलिस ने अब्दुल्ला आजम खां, फसाहत खां शानू और पूर्व चेयरमैन सलीम कासिम के खिलाफ पुलिस ने आईटी एक्ट 67, 504, 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस ने विवेचना के दौरान धारा 67 आईटी एक्ट को हटा दिया था। उसके बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। जिसकी सुनवाई एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में हो रही थी। शुक्रवार को अब्दुल्ला आजम खां समर्थकों के साथ कोर्ट में पेश हुए। जहां कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में अब्दुल्ला आजम खां और फसाहत शानू को बरी कर दिया है। इस दौरान उनके साथ अधिवक्ता  सैयद आमिर, सपा जिलाध्यक्ष अजय सागर भी मौजूद रहे। राहत मिलने पर उन्होंने कोर्ट का धन्यवाद किया। उसके बाद वह रवाना हो गए।

पिता-पुत्र को मिली राहत
कई सालों के बाद आजम खां और उनके परिवार को कोर्ट से राहत मिल रही है। जिससे सपाइयों में खुशी का माहौल है। सपा नेता आजम खां पर भैंस चोरी, बकरी चोरी तक के काफी मामले दर्ज है। जबकि उनके बेटे पर भी 40-50 मुकदमे दर्ज है। दो जन्म प्रमाण पत्र मामले में अब्दुल्ला आजम खां जेल में भी रह चुके हैं। जबकि बहुत से मामले में कोर्ट में विचाराधीन है। जिसमें वह लगातार तारीखों पर आ रहे हैं। लेकिन दो दिन आजम परिवार के लिए राहत भरे रहे।गुरुवार को आजम खां को डूंगरपुर से जुड़े मामले में हाईकोर्ट से जमानत मिल गई।जबकि शुक्रवार को उनके बेटे एक मामले में बरी हो गए है। आजम  परिवार के लिए यह राहत भरी खबर है।

बैंक के चेयरमैन की हो चुकी मौत
2019 में फैसल लाला ने सलीम कासिम को भी आरोपी बनाया था। इस दौरान पुलिस ने तीनों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। कोर्ट में सुनवाई के चलते सलीम कासिम की मौत हो गई थी। बचाव पक्ष की ओर से आठ गवाहों को पेश किया गया था।

फैसला लाला ने गाली गलौज और धमकाने का मुकदमा दर्ज कराया था। साक्ष्य के अभाव में अब्दुल्ला आजम खां सहित दो लोगों को बरी कर दिया है।अभी आदेश नहीं मिला है। उसको भी पढ़ा जाएगा कि उसमे क्या आदेश हुए है। - विनोद शर्मा, बचाव पक्ष के अधिवक्ता।

मुझे धमकाने और सोशल मीडिया पर मेरे ऊपर अभद्र टिप्पणीयां करने के मामले में अब्दुल आज़म को एमपी-एमएलए कोर्ट ने दोष मुक्त किया है इस मामले में हम अपने लीगल एडवाइज़रो के पैनल से मशवरा कर रहे हैं, फैसले के ख़िलाफ़ हाईकोर्ट जाएंगे। - फैसल खान लाला, प्रदेश प्रवक्ता आप।

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