Moradabad : 1.65 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार
मुरादाबाद, अमृत विचार। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने व्हाट्सऐप लिंक के जरिए 1 करोड़ 64 लाख 96 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी का खुलासा करते हुए वाले दो शातिरों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन और 5,350 रुपये बरामद किए हैं।
थाना गलशहीद में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में पीड़ित ने बताया था कि जियाना अरोड़ा नाम की महिला ने खुद को दिल्ली निवासी बताकर पिछले पांच साल से ट्रेडिंग करने की बात कही। अच्छे मुनाफे का लालच देकर व्हाट्सऐप पर लिंक भेजा और आईडी-पासवर्ड बनवाकर पीड़ित से 13 अलग-अलग बैंक खातों में 1.64 करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए। मामले में थाना साइबर क्राइम पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
मंगलवार को हुई प्रेसवार्ता तें एसपी क्राइम सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि साइबर क्राइम थानें में दर्ज मुकदमे का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने ट्रेडिंग का झांसा देकर एक व्यक्ति से लगभग 1.65 करोड़ रुपये हड़प लिए थे। पुलिस ने पीड़ित के विभिन्न खातों से ठगों द्वारा स्थानांतरित 36.79 लाख रुपये होल्ड कराए हैं, जिन्हें वापस दिलाने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस की पकड़ में आए आरोपियों ने अपने नाम नाजिम निवासी मियां कॉलोनी करुला थाना मझोला व स्थायी पता गांव दौलपुरी, थाना भगतपुर और खिलाफत निवासी वार्ड-13 नई बस्ती थाना कोतवाली जसपुर जनपद उधमसिंह नगर उत्तराखंड बताए है।
पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि उनकी मुलाकात जसपुर निवासी नफीस और उसके बेटे वली से हुई थी। दोनों ने कम समय में ज्यादा पैसा कमाने का लालच दिया। इसी के तहत आरोपियों ने जीएसटी व एमएसएमई रजिस्ट्रेशन कराया और बैंक खातों को ठगी के लिए उपलब्ध कराया। नफीस व वली उन्हें दिल्ली, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड व यूपी के कई जिलों में अपने साथ लेकर गए। इस दौरान नाजिम व खिलाफत के बैंक खातों में करोड़ों का लेनदेन किया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे उन्हें जेल भेज दिया गया।
