बरेली : किसानों की मदद कर सपनों को उड़ान दे रहीं ड्रोन दीदी किरन

Amrit Vichar Network
Edited By Pradeep Kumar
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नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत नवाबगंज की किरन को खेतों में दवा छिड़काव के लिए मिला है ड्रोन

बरेली, अमृत विचार: नारी वह शक्ति है, जो अंधेरे में भी रोशनी बनकर जलती है। यह बात नवाबगंज की ''''ड्रोन दीदी'''' किरन पर सटीक बैठती है। ड्रोन के जरिये खेतों में दवा का छिड़काव कर आत्मनिर्भर बनने की एक मिसाल पेश कर रही हैं। उनके पिता एफपीओ संचालक हैं, किरन सदस्य हैं। किरन ने खुद को और मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ने का फैसला किया। इस मिशन के तहत, उन्हें ''''नमो ड्रोन दीदी योजना'''' के माध्यम से एक कृषि ड्रोन मिला, जिससे उन्होंने व्यवसाय की शुरुआत की। अब तक किरन 400 हेक्टेयर में स्प्रे कर चुकी हैं।

एमए की पढ़ाई कर चुकी किरन गंगवार बताती हैं कि उन्होंने पिता प्रेमपाल गंगवार के साथ कारोबार में हाथ बढ़ाने का फैसला किया। नवंबर 2023 में उनके पास किसी अंजान नंबर से फोन आया कि आप एफपीओ से जुड़ी हैं, इसलिए कृषि क्षेत्र में महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए इफको की ओर से फ्री में ड्रोन दिए जाने के साथ ही इसे चलाने की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए लिखित परीक्षा कराई गई। चयन होने पर दिसंबर 2023 में प्रयागराज के फूलपुर स्थित इफको कोरडेट में ड्रोन चलाने के लिए ट्रेनिंग मिली। मार्च 2024 को उन्हें ''''नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत कृषि ड्रोन मिला। ड्रोन की मदद से उन्होंने किसानों के खेतों में कीटनाशक और उर्वरक छिड़काव का काम शुरू किया। इसके बाद से ही किरन आत्मनिर्भर युवती के रूप में उभर कर आई हैं। किरन कहती हैं उनकी सफलता के पीछे उनके पिता का समर्थन और उनके अपने दृढ़ संकल्प की महत्वपूर्ण भूमिका है।

पहली बार गांव में ड्रोन उड़ाने पर लोगों ने नहीं किया विश्वास
किरन अपने इस काम से अच्छी कमाई भी कर रही हैं। उन्होंने बताया कि पहली बार जब गांव में ड्रोन उड़ाया, तो लोग देखने के लिए आए। तब लोगों को विश्वास ही नहीं हुआ था कि ड्रोन से फसलों पर कीटनाशक और पानी का छिड़काव भी संभव है। किरन जब छिड़काव करने लगीं, तो अब उसे ऑर्डर पर ऑर्डर मिल रहे हैं। किरन ने बताया कि प्रति एकड़ खेत में छिड़काव के लिए 300 से 350 रुपये लेती हैं। अब तक डेढ़ लाख रुपये की आमदनी हो चुकी। किरन कहती हैं, अगर महिलाएं ठान लें, तो कुछ भी असंभव नहीं है। मुझे खुशी है कि मैं आज कई महिलाओं के लिए एक मिसाल बन पाई हूं। कहा अगर सही दिशा मिल जाए और मेहनत हो, तो महिलाएं किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकती हैं।

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