भाईचारे की मिसाल : कौन हिंदू कौन मुसलमान...50 साल से रामलीला की कमान संभालते हैं भाईजान

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Edited By Amrit Vichar
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अमरोहा, अमृत विचार। नौगांवा सादात में रामलीला की कमान पिछले 50 सालों से मुस्लिमों ने संभाल रखी है। यहां रामलीला कमेटी के मुख्य पदों पर हर बार मुस्लिम समाज से जुड़े लोग ही रहते हैं। हिन्दू मुस्लिम समाज के लोग ही चन्दा जुटाने से लेकर मंच तक की जिम्मेदारी उठाते है।

नौगांवा में 1973 मे पहली बार समाज सेवी मरहूम अहसान अख्तर की अगुवाई मे मंचन शुरू हुआ। 30 साल तक अहसान अख्तर ने जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद गुलाम अब्बास किट्टी समिति के अध्यक्ष रहे। वर्तमान में शिबाल हैदर रामलीला समिति के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल कर परम्परा को आगे बढा रहे है। शिबाल हैदर के नेतृत्व मे समिति के पदाधिकारी आपसी सौहार्द्र की अनूठी मिसाल पेश कर रहे हैं। हालांकि पिछले कुछ सालों में कलाकारों के स्थान पर बड़े स्क्रीन पर रामलीला का मंचन हो रहा है और इस वर्ष भी नवरात्रों में दशहरे के अवसर पर 

स्क्रीन पर रामलीला का मंचन होगा।
समिति के अध्यक्ष शिबाल हैदर बताते है कि समिति की अपनी जगह नहीं है। पिछले कई साल से वजाहत हुसैन के बाग में रामलीला होती है। रावण का दहन भी वे खुद करते हैं। नौगांवा सादात कस्बे की आबादी में 90 प्रतिशत मुस्लिम हैं। मुस्लिमों के सयोजन में होने वाली रासलीला इस सौहार्द्र में चार चांद लगाती है।

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