UP : रामपुर पहुंचीं मालिनी अवस्थी बोलीं उस्ताद शुजाअत हुसैन खां से सीखीं गायकी की बारीकियां और उर्दू

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Edited By Amrit Vichar
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रामपुर, अमृत विचार। प्रसिद्ध लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने कहा कि रामपुर से उनका पुराना और पारिवारिक रिश्ता है। कन्नौज में जन्मी मालिनी अवस्थी ने कहा कि उन्हें उस्ताद शुजाअत हुसैन खां ने गायकी की बारीकियां सिखाईं। मुसलमान उस्तादों से गायकी के साथ उर्दू सीखी।

रजा लाइब्रेरी में शनिवार की शाम पद्म विभूषण विदुषी गिरिजा देवी की स्मृति में पुष्पांजलि कार्यक्रम में पहुंची लोक गायिका ने कहा कि पांच-छह साल की उम्र से गायकी शुरू कर दी और उसके बाद पिता ने आकाशवाणी से जोड़ दिया और उस्ताद शुजाअत हुसैन खां से सीखा। कहा कि संगीत धैर्य सिखाता है। मिर्जापुर से संगीत की बारीकियों को सीखना शुरू किया इसके बाद गोरखपुर रेडिया स्टेशन पर उस्ताद शुजाअत हुसैन खां से सीखा। 

कहा कि शास्त्रीय संगीत इस समय काफी पसंद किया जा रहा है। बच्चों में भी शौक है और बच्चे जो भी करना चाहते हैं दिल से करें। बोलीं, आजकल जिंदगी बहुत भागमभाग वाली है संगीत इस जिंदगी में सुकून देता है। जिंदगी में अच्छे विचारों को जगह दें और कला से जरूर जुड़िए। लाइब्रेरी के निदेशक डॉ. पुष्कर मिश्र, डॉ. शोभित नाहर, पंडित साहित्य नाहर, प्रसिद्ध गजल गायक सखावत हुसैन खां, ज्योति बोस खान, भारत भूषण गुप्ता, अरुण सक्सेना, सैयद तारिक अजहर, हिमांशु सिंह समेत काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।

रजा लाइब्रेरी प्रदेश की शान
रजा लाइब्रेरी की बाबत कहा कि यह उत्तर प्रदेश की शान है लेकिन, इसके बारे में लोगों को उतनी जानकारी नहीं है। लोग अपनी विरासत को जाने अपनी धरोहरों को पहचानें। कहा कि यह दुर्भाग्य है कि रामपुर के आसपास के लोग यहां नहीं आते। कहा कि रामपुर रजा लाइब्रेरी विश्व में स्थान रखती है। रजा लाइब्रेरी में मुशायरे और गीत संगीत की महफिल होती रहना चाहिए।

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