भाजपा नेता की कार के बोनट में मिला अजगर, बाराबंकी में बारिश के चलते जंगली जानवरों का छिना कुदरती ठिकाना
बाराबंकी: अमृत विचार। तराई क्षेत्र में बाढ़ और रहने के ठिकानों में बारिश से जलजमाव के कारण अजगर नगरीय इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं। एक वजह शिकार की तलाश है तो दूसरी वजह रहने का ठिकाना। वन विभाग का मानना है कि जलजमाव खत्म होते ही इनका दिखाना बंद हो जाएगा। तब तक सतर्कता बरतने की जरूरत है। सिरौलीगौसपुर, रामसनेहीघाट, रामनगर व सूरतगंज इलाकों का बड़ा हिस्सा तराई किनारे बसा है। वहीं वन क्षेत्र भी पर्याप्त है।
तराई में बाढ़ की दशा, जंगलों में बारिश और खेतीबाड़ी वाले इलाकों में शिकार की कमी के कारण अजगर अपने पुराने ठिकानों से पलायन कर रहे हैं। अक्सर यह बड़े सांप गड्ढों, खेतों, झाड़ियों और पेड़ों की जड़ों में रहते हैं, लेकिन ठिकानों जलजमाव व भोजन की तलाश में अब मानव बस्तियों का रुख कर रहे हैं। कहा जाता है कि अजगर जहरीला नहीं होता, लेकिन अपने शिकार को जकड़कर दम घोंटकर मार देता है।
अजगर छोटे-बड़े जानवर, पक्षी, चूहे, खरगोश, कुत्ते-बिल्ली यहां तक कि बकरियों तक का शिकार कर लेते हैं। मानसून के दौरान जलभराव और पर्यावरणीय बदलाव के कारण इनका प्राकृतिक आवास प्रभावित हो जाता है और यह इंसानी बस्तियों की ओर आ जाते हैं। डीएफओ आकाशदीप वधावन प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी विकास वधावन ने बताया कि वाटर लागिंग अजगर के आम जगहों पर दिखने की प्रमुख वजह है। आमजन सतर्कता बरतें, मानसून समाप्त होते ही यह सिलसिला बंद हो जाएगा।
कार के बाेनट में सुस्ताता मिला अजगर
16.jpg)
सिरौलीगौसपुर प्रतिनिधि के अनुसार सोमवार को उस समय दहशत फैल गई जब 7 फिट लंबा अजगर एक कार की बोनट के अंदर आराम फरमाता मिला। यह वैगन आर कार ग्राम सत्यनामपुरवा निवासी भाजपा नेता नागेन्द्र प्रताप सिंह की है। वह कार स्टार्ट कर ही रहे थे कि कुछ असामान्य लगने पर उन्होने कार का बोनट खोला तो अजगर देख उनके होश उड़ गए। खबर फैलते ही मौके पर भीड़ एकत्र हो गई। सूचना मिलते ही डिप्टी रेंजर मनोज कुमार की टीम मौके पर पहुंची और अजगर को सुरक्षित तरीके से पकड़कर जंगल में छोड़ा गया। लोग पूरे दिन इस घटना की चर्चा करते रहे।
ये भी पढ़े : अस्पताल परिसर में पेड़ के नीचे महिला की डिलीवरी...स्वास्थ्य मंत्री के दावों की पोल खोलता लंभुआ CHC का हाल
