Bareilly : 2018 में जेल की दीवार फांदकर भागा था, नेपाल फरार होने से पहले धरा गया दो लाख का इनामी

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। एसटीएफ टीम ने साल 2018 में बदायूं जिला कारागार की दीवार फांदकर फरार हुए बदमाश सुमित को गिरफ्तार कर लिया। सुमित पर दो लाख का ईनाम पुलिस ने घोषित किया था। पिछले सात साल से टीमें इसकी तलाश में जुटी थीं, लेकिन लगातार सर्विलांस टीमों को चकमा देता रहा। नेपाल भागने की फिराक में सुमित को अब एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया।

सुमित साल 2015 में मुरादाबाद में ब्लॉक प्रमुख डिलारी योगेंद्र उर्फ भूरा की हत्या के आरोप में जेल गया था। सुमित के बड़े भाई रिंकू की हत्या का आरोप ब्लॉक प्रमुख और उसके साथियों पर लगा था जिसका बदला लेने के लिए उसने ब्लॉक प्रमुख की हत्या कर दी थी। मुरादाबाद जेल में बंद रहने के बाद उसको बाद में बदायूं की जिला कारागार भेज दिया गया। यहां उसकी मुलाकात गोरखपुर के रहने वाले चंदन से हुई। चंदन के साथ सुमित ने जेल से भागने का प्लान बनाया। 12 मई 2018 को रस्सी के सहारे दीवार फांदकर भाग निकला, मगर चंदन दीवार नहीं फांद सका।

सर्विलांस सिस्टम की थी गहरी समझ

जेल से भागने के बाद सात साल तक सुमित देश के अलग-अलग राज्यों में छिपता फिरा। दिल्ली, तमिलनाडु, असम, उड़ीसा के अलावा नेपाल में पहचान छिपाकर रहा। सुमित कितना शातिर था इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कभी भी परिवार वालों से सीधे फोन से संपर्क में नहीं रहा। पुलिस के मुताबिक उसको सर्विलांस सिस्टम की भी गहरी समझ थी इसलिए लगातार सर्विलांस सिस्टम को भी चकमा देता रहा।

लिफ्ट लेकर जाना चाहता था नेपाल

पकड़े जाने के बाद सुमित ने पुलिस को बताया कि वह बार-बार पहचान छिपाकर यहां वहां भटकते हुए परेशान हो गया था, लिहाजा उसने देश से बाहर जाने का फैसला लिया। लोकल ट्रेन, बस और ट्रक से लिफ्ट लेता हुआ नेपाल भागने की फिराक में था। पीलीभीत जाने वाले मार्ग पर मुरादाबाद-लखनऊ हाइवे के पुल के पास उतरकर टनकपुर जाने वालि किसी वाहन की तलाश कर रहा था इस बीच एसटीएफ की टीमों ने उसे दबोच लिया।

मुरादाबाद और बदायूं में दर्ज हैं 9 रिपोर्ट
पकड़े गए आरोपी सुमित कुमार पर साल 2010 में मुरादाबाद के बिलारी थाने में आर्म्स एक्ट, मारपीट, धमकाने की रिपोर्ट दर्ज हुई। 2013 में मुरादाबाद के सिविल लाइन थाने में बलवा, जानलेवा हमला, धमकाने के अलावा वहीं की कोतवाली में आयुध अधिनियम के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज हुई थी। 2014 में मुरादाबाद के हजरतनगर गढ़ी थाने में मानव सुरक्षा को खतरे में डालने के आरोप में मामला दर्ज हुआ। 2015 में मुरादाबाद के सिविल लाइन थाने में बलवा, हत्या आयुध अधिनियम और साल 2023 में समन की तामील के बाद भी जानबूझकर अदालत में पेश न होने पर मुरादाबाद के सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई। साल 2018 में उस पर बदायूं के सिविल लाइन में इनाम घोषित किया गया। 

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