कानपुर हैलट अस्पताल: कोविड बिल्डिंग में शिफ्ट की गई पैथोलॉजी, मोबाइल पर मिलेगी रिपोर्ट

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

कानपुर, अमृत विचार। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के हैलट अस्पताल की पैथोलॉजी को कोविड बिल्डिंग (मेटरनिंटी विंग) में शिफ्ट कर दिया गया है। इसके साथ ही यूजर चार्ज काउंटर नंबर 34 को ओपीडी पर्चा काउंटर की बिल्डिंग में शिफ्ट किया गया। वहीं, मरीज व उनके तीमारदारों को जांच रिपोर्ट लेने के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े, इसलिए अब रिपोर्ट उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर उपलब्ध होगी, जिसके संबंध में भी प्रबंध विभाग स्तर से शुरू किए जा रहे हैं।
 
एक ही छत के नीचे सभी प्रकार की जांचें हो सके, इसलिए हैलट अस्पताल की इमरजेंसी के सामने बने रैन बसेरे, पैथोलॉजी, यूजर चार्जर कक्ष और आर्थो विभाग की ओपीडी को ध्वस्त किया जाएगा। यहां पर तीन मंजिला बिल्डिंग का निर्माण होना है। इसलिए पैथोलॉजी को अपनी जगह से कोविड बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिया गया है। कोविड बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर में पैथोलॉजी का पूरा सेटअप लगाया गया है, ताकि हैलट अस्पताल में जांच के लिए मरीजों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
 
यूजर चार्ज काउंटर को पर्चा काउंटर की बिल्डिंग में शिफ्ट किया गया। पहले दिन शिफ्टिंग कार्य की वजह से मरीजों व तीमारदारों को इधर से उधर भटकना पड़ा। ऐसे में हैलट परिसर में सक्रिय कुछ मेडिकल स्टोर व निजी पैथोलॉजी के एंजेंट कुछ मरीजों को बरगलाकर अपने साथ निजी पैथोलॉजी में जांच कराने ले गए, जहां पर उनको मोटी रकम चुकानी पड़ी और एजेंटों का लाभ हुआ।
 
पैथोलॉजी की शिफ्टिंग का कार्य और मरीजों को हो रही असुविधा की जानकारी पर जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो.संजय काला और हैलट अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ.आरके सिंह मौके पर पहुंचे। यहां पर मौजूद स्टाफ व प्रभारी से पूछताछ की।
 
मशीनों की क्रियाशीलता और जांच के लिए सैंपल आदि की जानकारी ली। प्राचार्य प्रो.संजय काला ने पैथौलॉजी के सभी कर्मियों को सख्त निर्देश दिए कि मरीज व तीमारदारों को परेशानी हो। रिपोर्ट लेने के लिए लैब में आना पड़े, उनके मोबाइल नंबर पर ही रिपोर्ट भेजी जाए।
 
बनेगा प्रदेश का पहला डायग्नोस्टिक सेंटर 
प्राचार्य प्रो.संजय काला ने बताया कि यह प्रदेश का पहला डायग्नोस्टिक सेंटर होगा, जहां एक ही छत के नीचे सभी जांचों की सुविधा मिलेगी। यह लैब हैलट इमरजेंसी के सामने बननी है, निर्माण के लिए शासन से सात करोड़ 22 लाख रुपये स्वीकृत हो गए है। डायग्नोस्टिक हब का निर्माण 31 मार्च 2027 तक पूरा होना है। इस संबंध में पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड और जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मध्य समझौता हुआ है। बताया कि हैलट अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में जो जांचें अभी हो रही है, वो सभी जांचें डायग्नोस्टिक लैब हब में होगी। इसके अलावा और भी जांचों की सुविधा यहां पर बढ़ेगी। 
 
यह मिलेगी सुविधा
  1. बेसमेंट में मिलेगी रेडियोलॉजी की सुविधा
  2. ग्राउंड फ्लोर पर होगी सैंपल कलेक्शन कक्ष
  3. प्रथम तल में होगी जांच आदि की सुविधा
  4. द्वितीय तल में लैब टेक्नीशियनों का प्रशिक्षण आदि।

संबंधित समाचार