मन की बात के संबोधन का संकेत, अयोध्या आएंगे मोदी...25 नवंबर को आयोजित होगा ध्वजारोहण कार्यक्रम
अयोध्या, अमृत विचार: पीएम मोदी एक बार फिर श्रीराम मंदिर के कार्यक्रम में अयोध्या आएंगे। रविवार को मन की बात में उन्होंने राम मंदिर में तैयार किए गए वाल्मीकि और निषाद राज के मंदिरों की चर्चा ही नहीं की। देश भर के लोगों से अयोध्या आने, राम लला के दर्शन के दौरान इन मंदिरों में दर्शन जरूर करने की बात भी कही। यह सामान्य नहीं है। साफ है कि वह देश के लोगों से यह आग्रह कर रहे हैं तो स्वयं तो दर्शन के लिए 25 नवंबर को अयोध्या जरूर पहुंचेंगे।
22 जनवरी 2024 के बाद श्री राम मंदिर के अति विशिष्ट कार्यक्रमों की फेहरिश्त में 25 नवंबर 2025 का ध्वजारोहण कार्यक्रम शामिल हो रहा है। यह इसलिए भी कि इसके बाद सप्तमंडपम मंदिर में श्रद्धालुओं का दर्शन-पूजन शुरू होगा। राम लला के साथ महर्षि वाल्मीकि, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, निषाद राज, जैसी अन्य विभूतियों के दर्शन शुरू होंगे। जिन ऋषि मुनियों की त्याग, तपस्या और संस्कारों से भारतीय आध्यात्मिक परंपरा शताब्दियों से जीवंत हैं। उनके प्रति समर्पण के भाव से अयोध्या के अध्यात्म की पताका के फिर शीर्ष पर फहराने की उम्मीद है।
रविवार को पीएम मोदी ने एक बार फिर अयोध्या के राम मंदिर, रामलला और तत्समय के ऋषियों, मुनियों के साथ श्रेष्ठ राम भक्तों की चर्चा की। यह केवल ऋषि, मुनि ही नहीं थे। यह राम लला के अवतार के लिए सकारात्मक ऊर्जा का सृजन करके भौतिक व आध्यात्मिक भूमिका के निर्वाहक भी थे। शायद पीएम मोदी का भाव भी यही रहा। पीएम मोदी ने अयोध्या के राम मंदिर का ही जिक्र नहीं किया। देशवासियों से दर्शन करने की अपील की। आग्रह किया आप लोग जब अयोध्या में रामलला के दर्शन करने जाएं तो महर्षि वाल्मीकि और निषाद राज मंदिर के दर्शन जरूर करें। यह केवल पीएम मोदी के मन की बात ही नहीं है।
उम्मीद है कि वह स्वयं इसका निर्वहन करेंगे। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के जरिए साफ संकेत दे दिया कि वह 25 नवंबर को अयोध्या पहुंचेंगे। रामलला के साथ अन्य ऋषि-मुनियों के साथ निषाद राज का दर्शन पूजन करेंगे। प्रधानमंत्री के आने के संभावित कार्यक्रम के साथ ही अब ध्वजारोहण कार्यक्रम की विशिष्टता बढ़ गई। वैसे भी श्री राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के बाद देश के वीवीआईपी के साथ अभी हाल ही में मारीशस और भूटान के प्रधानमंत्रियों के दौरे और रामलला के दर्शन ने अयोध्या की पताका वैश्विक फलक पर फहरने का संकेत दे दिया है।
नवंबर के आयोजन में 22 जनवरी वाली भीड़ की उम्मीद
राम मंदिर में 25 नवंबर को फिर भव्य उत्सव का आयोजन होगा।माना जा रहा है कि नवम्बर में श्रद्धालुओं का जन सैलाब अयोध्या में उमड़ेगा। 22 जनवरी 2024 में राम मंदिर के भूतल पर रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के दौरान और इसके बाद जिस प्रकार से पूरे देश और दुनिया भर से श्रद्धालुओं की अप्रत्याशित भीड़ अयोध्या में उमड़ी थी। नवंबर के आयोजन में भी ऐसा ही देखने को मिलने की उम्मीद है।
ट्रस्ट और जिला प्रशासन के स्तर पर शुरू हो गई तैयारी
श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट और जिला प्रशासन के अंदर खाने में प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि आगामी कार्यक्रमों को लेकर तैयारियां की जा रही है। इसमें अयोध्या सहित आसपास क्षेत्र के लोगों को बुलाया जाएगा। बड़े उत्सव के साथ आयोजन को संपन्न करेंगे। ट्रस्ट के सदस्य डॉक्टर अनिल मिश्रा ने बताया कि वर्तमान में इन मंदिरों तक पहुंचाने के लिए कार्य संस्था मार्ग को तैयार करने में लगे हुए हैं। इसे अक्टूबर में पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद इन स्थानों पर भी सुरक्षा के प्रबंध किए जाने के बाद श्रद्धालुओं के दर्शन प्रारंभ हो जाएंगे।
