कानपुर : ससुराल में प्रताड़ना से विवाहिता की बिगड़ी हालत, इलाज के दौरान मौत
कानपुर, अमृत विचार। ससुरालियों की प्रताड़ना से विवाहिता ने बिस्तर पकड़ लिया। परिजनों ने कई चिकित्सकों से इलाज कराया, लेकिन बचा नहीं सके। आरोप है कि अतिरिक्त दहेज के लिए बेटी को कई दिन तक भूखा रखा जाता था। ससुरालीजन मारपीट कर ठंड में कमरे से बाहर निकाल देते थे।
पिटाई से दिमाग की नसों पर असर पड़ा। शनिवार विवाहिता की मौत होने पर परिजनों ने पति समेत पांच लोगों के खिलाफ नवाबगंज थाने में गैर इरादतन हत्या समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई। नवाबगंज के ख्यौरा उजियारीपुरवा निवासी ओम प्रकाश गुप्ता ने बताया कि नौ फरवरी 2023 को 31 वर्षीय बेटी अमिता की शादी मैनावती मार्ग स्थित आम्रपाली विहार के गौरव से की थी।
शादी पर 25 लाख रुपये खर्च किए, उसके बाद भी दामाद गौरव, उसके पिता जितेंद्र, भाई-भाभी सौरभ व संध्या और ननद अमिता अतिरिक्त दहेज की मांग कर बेटी को प्रताड़ित करने लगे। भाई अंकित के अनुसार अमिता को दहेज का ताना देकर ससुरालीजन मारपीट करते थे।

शुरूआत में उसने परिजनों से कुछ नहीं बताया। जब उसके शरीर पर चोट के निशान देखकर संदेह हुआ तो वह सच छिपा न सकी। उसने परिजनों को बताया कि उसे दो-तीन दिन तक भूखा रखा जाता था। ठंड के दिनों में मारपीट कर कमरे से बाहर निकाल देते थे। मारपीट व बोल नोंचने से उसके सिर में दर्द हर समय होता रहता है। लेकिन इसलिए सहती रही कि एक दिन सब ठीक हो जाएगा।
अंकित के अनुसार बहन की दिमाग की नशे पिटाई से कमजोर हो गई। जिससे उसे चक्कर आने लगे। ऐसे ही कई माह तक चलता रहा। 29 अगस्त को गौरव बहन को बेशुध अवस्था में मायके छोड़ गया। उसका इलाज कराने पर सब पता चला।
उसी बीच गौरव फिर आया और कहा कि वह दूसरे अस्पताल में इलाज कराएंगे। बहन को लेकर पीपीएम हॉस्पिटल में भर्ती कराया। लेकिन वहां इलाज से लाभ नहीं हुआ और अमिता की हालत और बिगड़ गई। जब डॉक्टर को आनाकानी करते देखा तो संदेह होने पर तत्काल दूसरे अस्पताल लखनपुर ले गए।
वहां डॉक्टरों ने बहन की हालत गंभीर बताई। वह बोलने व सोचने-समझने की हालत में नहीं थी और उपचार के दौरान शनिवार को उसकी मौत हो गई। इस पर अमिता के भाई अंकित ने नवाबगंज थाने में पति समेत पांचों आरोपियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, प्रताड़ना समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
