UP: कमेटी खुद ही तोड़ने लगी गौसुलवरा मस्जिद का अवैध निर्माण

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

संभल, अमृत विचार। असमोली थाना क्षेत्र में आने वाले राया बुजुर्ग गांव की मस्जिद को ध्वस्त करने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली तो रविवार को मस्जिद कमेटी ने खुद ही मस्जिद तुड़वानी शुरू कर दी। एक घंटे तक बुलडोजर ने मस्जिद का अगला हिस्सा तोड़ दिया। कुछ निर्माण ग्रामीणों व मजदूरों ने भी तोड़ा। गांव के मुस्लिमों का कहना है कि इलाहबाद उच्च न्यायालय ने उन्हें निचली अदालत में जाने की सलाह दी है। लेकिन अब वे कहीं नहीं जा रहे हैं। प्रशासन ने चार से छह दिन की मोहलत दी है उसमें मस्जिद के सरकारी जमीन वाले हिस्से को खुद तोड़ लेंगे।

रायां बुजुर्ग गांव में खाद के गड्ढों के नाम दर्ज सरकारी जमीन पर मस्जिद व तालाब की जमीन पर बैंकट हाल बना लिए जाने की शिकायत पर तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह की अदालत में मुकदमा दायर होने के बाद तहसीलदार ने धारा 67 के तहत तालाब में खाद के गड्ढों की जमीन को कब्जा मुक्त करने का आदेश पारित किया था। 2 अक्टूबर को आधा दर्जन से ज्यादा बुलडोजर ने मैरिज हाल को ध्वस्त कर दिया था। मस्जिद कमेटी ने मस्जिद का निर्माण खुद हटा लेने के लिए प्रशासन ने चार दिन की मोहलत ले ली थी। 3 अक्टूबर को मस्जिद का कुछ हिस्सा तोड़ा लेकिन दूसरी तरफ ध्वस्तीकरण के आदेश पर रोक लगाने के लिए मस्जिद कमेटी ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दी।

 4 अक्टूबर को उच्च न्यायालय ने मस्जिद कमेटी की याचिका खारिज कर उन्हें निचली अदालत में जाने को कह दिया। इसके बाद कयास लगाये जा रहे थे कि मस्जिद कमेटी निचली अदालत में जायेगी। इस असमंजस के बीच रविवार को दोपहर बाद 510 वर्गमीटर सरकारी जमीन पर बनी मस्जिद को खुद ही तोड़ना शुरु कर दिया। असमोली थाना प्रभारी राजीव कुमार मलिक पुलिस बल के साथ गांव पहुंच गए। बुलडोजर ने मस्जिद की दो बाहरी दीवारों को तोड़ दिया जबकि ग्रामीणों ने मुख्य दरवाजे के ऊपर के निर्माण को तोड़ने का काम किया। एक घंटे तब बुलडोजर गरजा लेकिन उसके बाद शांत होकर खड़ा हो गया। कहा यह गया कि बुलडाेजर में खराबी आ गई है।

हम निचली अदालत में नहीं जायेंगे:मस्जिद कमेटी
इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने वाले मस्जिद के मुतवल्ली मिंजार हुसैन ने बताया कि हाईकोर्ट ने कहा निचली अदालत में जाओ। हम निचली अदालत में नहीं जाएंगे। प्रशासन का जो आदेश है उसका पालन करते हुए मस्जिद को तोड़ रहे हैं। हमें प्रशासन ने जो चार से छह दिन का समय दिया था उसी समय में अवैध निर्माण तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। मजदूरों से काम कराया लेकिन उतना काम नहीं हो पा रहा था। इसीलिए हमने बुलडोजर मंगाया। मिंजार हुसैन ने कहा कि हमें नहीं पता था कि जिस जमीन पर मस्जिद बनी है वह सरकारी है। अब कहीं जमीन लेकर कानूनी तरीके से मस्जिद बनाएंगे।

संबंधित समाचार