Pilibhit : बाहरी धान पकड़ने की कोशिश के दौरान किसान नेता फायरिंग में घायल
पीलीभीत, अमृत विचार। पूरनपुर क्षेत्र में धान खरीद में खेल को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा के विरोध के बाद निगरानी तय हुई। समझा गया कि अब शायद हालात सुधरेंगे। मगर चंद घंटे बाद ही वह हुआ जिसका किसी को आभास नहीं था। बताते है कि किसान नेता बाहरी धान पकड़ने के लिए निगरानी कर रहे थे और जैसे ही धान लदी ट्रैक्टर ट्राली रोकने का प्रयास किया।
किसान नेता को पहले कुचलने का प्रयास किया और फिर चार राउंड फायर किए गए। जिसमें भाकियू चढूनी के जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह के हाथ की उंगली को छूकर गोली गुजरी। उनका सीएचसी पूरनपुर में इलाज कराया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बता दें कि एक सप्ताह भी धान खरीद शुरू हुए नहीं हुआ है और जिम्मेदारों की साठगांठ ने सवाल उठा दिए है। पूरनपुर में क्षेत्र में बाहरी धान राइस मिलों में कम दाम पर खरीदे जाने को लेकर बुधवार को दिनभर हंगामा चला। संयुक्त किसान मोर्चा ने दिन रात निगरानी और उसमें सहयोग का आश्वाशन मिलने पर देर शाम आंदोलन को विराम दिया। इसके बाद बताते है कि किसान नेता सेहरामऊ उत्तरी क्षेत्र में गढ़वाखेड़ा पुलिस चौकी के पास निगरानी में थे।
तभी लखीमपुर की तरफ से बाहरी धान से लदी कुछ ट्रैक्टर ट्राली आती दिखी। जिसे किसान नेताओं ने रोकने का प्रयास किया। मगर ट्रैक्टर चालक ने कुचलने का प्रयास किया। जब विरोध हुआ और घेरने की कोशिश की गई तो फायरिंग कर दी। चार फायर किए , जिसमें एक मिस हुआ। किसान नेता रंजीत सिंह कहलो के हाथ की उंगली को छूकर गोली निकली। इसके बाद आरोपी चालक धमकाते हुए भाग गए। वह किसी तरह पूरनपुर पहुंचे और बताया। फिर सीएचसी में इलाज कराया। पुलिस भी मामले की जांच में जुट गई है।
चौकी पुलिस का बेहद लापरवाह रवैया
घायल हुए भाकियू चढूनी के जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह कहलो की माने तो जब वह एसडीएम के आश्वाशन के बाद निगरानी को पहुंचे। कई अन्य किसान संगठन के कार्यकर्ता भी थे। इस दौरान पुलिस चौकी गढ़वाखेड़ा के पुलिसकर्मियों को बताया था कि वह बाहरी धान को रोकने के लिए आए है। एसडीएम से वार्ता हो चुकी है। कुछ वैरियर लगा दें। मगर आरोप है कि चौकी पर एक के अलावा कोई भी वर्दी में नहीं था। वॉरियर लगाने से भी साफ मना कर दिया। लग ही नहीं रहा था कि चौकी पर पुलिस है। बेहद लापरवाह रवैया था।
दो राइस मिलर्स की भूमिका संदेह में
इस मामले में पूरनपुर के दो राइस मिलर्स की भूमिका संदेह में है। किसान नेताओं की माने तो जब ट्रैक्टर लेकर आ रहे लोगों को रोका तो उन्होंने दोनों राइस मिलर का नाम ट्रैक्टर चालकों ने बताया और ये भी कहा कि उस धान का सौदा 1600 रुपए कुंतल के हिसाब से हो चुका है। अब बीच से नहीं हटे तो किसी की जान भी ले ली जाएगी। उसके बाद ही कुचलने की कोशिश और फायरिंग की गई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
