लखनऊ: मीटर रीडिंग नहीं होने पर उपभोक्ताओं को मिलेगा 200 रुपये प्रतिदिन मुआवजा
लखनऊ, अमृत विचार। प्रदेश के महानगरों के उपभोक्ताओं को उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत नियामक आयोग ने सहूलियत दी है। आयोग की ओर से बिजली कंपनियों को आदेशित किया गया है कि मीटर संबंधित समस्याओं का समाधान तय समय के अंदर नहीं होने पर मुआवजा दे। इस आदेश के बाद से राज्य उपभोक्ता परिषद प्रदेश के …
लखनऊ, अमृत विचार। प्रदेश के महानगरों के उपभोक्ताओं को उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत नियामक आयोग ने सहूलियत दी है। आयोग की ओर से बिजली कंपनियों को आदेशित किया गया है कि मीटर संबंधित समस्याओं का समाधान तय समय के अंदर नहीं होने पर मुआवजा दे। इस आदेश के बाद से राज्य उपभोक्ता परिषद प्रदेश के उपभोक्ताओं को मुआवजा लेने संबंधित अधिकारों के प्रति जागरूक करने लगा है।
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि अभी क्लास एक के सभी शहरो में सभी मामलों में मुआवजा लागू है। ऐसे में उपभोक्ता परिषद अब सभी अपने उपभोक्ताओं को अलग-अलग मामले को उनको जागरूक करेगा। परिषद की ओर से बताया गया कि नया स्टैन्डर्ड आफ परफार्मेन्स रेगुलेशन 2019 पर फरवरी 2020 में उ. प्र. शासन द्वारा अधिसूचना जारी की गई थी।
उसके अनुसार सभी श्रेणी एक के शहरों में नौ माह के अंदर अपना शिकायत केंद्र चालू करना था। शहरी क्षेत्रों के लिए 12 महीने व ग्रामीण क्षेत्रों में 18 माह में शिकायत केंद्र बन जाना चाहिए था। जो सभी इलेक्ट्रॉनिक मोड सहित फोन मेल व एसमस व मोबाइल एप्लीकेशन के तहत दावा व शिकायत प्राप्त करने के लिए स्थापित होता। लेकिन अभी काम को नहीं कराया गया। अवधेश वर्मा ने बताया कि अभी तक शिकायत केंद्रों को नहीं शुरू किया जा सका गया है ऐसे में उपभोक्ताओं को मुआवजा लेने के लिए डिवीजन के अधिशासी अभियंता से संपर्क करना चाहिए।
उपभोक्ता समस्या दोष के मामले में मुआवजा निर्धारित समय सीमा
जले हुए मीटर का बदला जाना रु 50 प्रतिदिन आवेदन के 3 दिन बाद
उसी परिसर में मीटर लाइन की सिफ्टिंग रु 50 प्रतिदिन आवेदन के 7 दिन बाद
टेस्ट रिपोट के पक्षात दोष युक्त मीटर बदलना रु 50 प्रतिदिन आवेदन के 15 दिन बाद
मीटर रीडिंग के मामले रु 200 प्रतिदिन आवेदन के 15 दिन बाद
