Rampur : पाकिस्तान में मिले जख्म पर नागरिकता का मरहम, प्रशासन मांग रहा दस्तावेज
बिलासपुर (रामपुर) अमृत विचार। एसडीएम सहित अन्य अधिकारियों ने बंगाली बाहुल्य इलाकों में गोष्ठी करके लोगों को नागरिकता के प्रति जागरूक किया। उन्होंने नागरिकता के लिए पात्र व्यक्तियों से ऑनलाइन आवेदन किए जाने की अपील की।
सोमवार को एसडीएम अरुण कुमार, तहसीलदार शिव कुमार शर्मा और खुफिया विभाग के अधिकारी क्षेत्र के गांव मानपुर ओझा व बंगाली कालोनी पहुंचे। उन्होंने पूर्वी पाकिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना के बाद भारत आए लोगों से वार्ता की। साथ ही उन्हें भारत देश की नागरिकता लेने के प्रति जागरूक किया। अधिकारियों ने कहा कि सीएए के तहत पूर्वी पाकिस्तान से आए लोगों को भारत सरकार द्वारा नागरिकता दी जा रही है। सरकार की गाइडलाइन का पालन करते हुए नागरिकता के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करवाएं।
अपने अभिलेख दिखाकर सरकार की इस योजना का लाभ उठाएं। अगर किसी व्यक्ति को नागरिकता लेने में कोई बाधा उत्पन्न हो रही है तो वह तहसील स्तरीय अधिकारी की सहायता ले सकता है। स्थानीय अधिकारी द्वारा उनका पूरा सहयोग किए जाएगा और नागरिकता दिलवाने का पूरा प्रयास किया जाएगा। गोष्ठी में मौजूद लोगों ने अधिकारियों के सामने नागरिकता प्राप्त करने में आ रही परेशानियों को रखा।कहा कि नागरिकता प्राप्त करने से संबंधित अभिलेख उनकी परेशानी का सबब बना हुआ है।
वर्ष 1971 के बाद से सैकड़ो लोग धार्मिक रूप से प्रताड़ित होकर शरणार्थी के रूप में भारत आए थे। यहां आकर वह बस गए। अपना जीवन यापन करने लगे। तब से वह लगातार भारत की नागरिकता हासिल करने के लिए प्रयासरत हैं। कहा कि भारत सरकार ने उन्हें नागरिकता देने का बेहतरीन फैसला लिया, लेकिन नागरिकता देने के आधार पर मांगे जाने वाले दस्तावेज उनके सिर का दर्द बन गए।
भारत सरकार उनसे पचास वर्ष पुराने पूर्वी पाकिस्तान के अभिलेख मांग रही है। लेकिन वर्ष अधिक होने की वजह से अभिलेख रख पाना मुश्किल हो गया। वह खुद अपना सब कुछ छोड़कर भारत आए थे, तो अभिलेख कहां से लाते। इस पर एसडीएम ने बताया कि बांग्लादेशी माइग्रेंट्स से सिटीजनशिप के विभिन्न पहलुओं के तहत गोष्टी कर उनको ऑनलाइन अप्लाई करने के लिए प्रेरित किया गया है। उनके सभी मुद्दों पर गहनता से सुनते हुए निस्तारण करवाने हेतु संबंधित को निर्देश दिया गया है।आवेदन कर्ताओं की समस्याओं को दूर करवाने का प्रयास किया जाएगा।
