बरेली: रैगिंग मामले में पीड़ित छात्र के पुलिस ने लिए बयान
अमृत विचार, बरेली। बरेली कॉलेज में रैगिंग के मामले में 10 दिन बाद पुलिस ने भी जांच में तेजी दिखाई है। शनिवार को चौकी इंचार्ज ने पीड़ित छात्र वंश चतुर्वेदी के बयान लिए। बयान में छात्र ने अपने साथ हुई पूरी घटना का जिक्र किया है। इसके अलावा उसने छह सीनियर छात्रों के नाम बताए …
अमृत विचार, बरेली। बरेली कॉलेज में रैगिंग के मामले में 10 दिन बाद पुलिस ने भी जांच में तेजी दिखाई है। शनिवार को चौकी इंचार्ज ने पीड़ित छात्र वंश चतुर्वेदी के बयान लिए। बयान में छात्र ने अपने साथ हुई पूरी घटना का जिक्र किया है। इसके अलावा उसने छह सीनियर छात्रों के नाम बताए हैं। उसने पुलिस को छात्रों के सही और गलत नाम के बारे में भी जानकारी दी है। एंटी रैगिंग कमेटी की जांच में भी छात्रों के नाम अलग आने की बात सामने आयी थी। वंश ने अपने पिता के साथ शनिवार को डीआईजी राजेश कुमार पांडेय से भी मुलाकात की। डीआईजी ने मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इस मामले में बारादरी पुलिस कमेटी के रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट के आधार पर धाराएं बढ़ाकर कार्रवाई की जाएगी। अब एंटी रैगिंग कमेटी के संयोजक प्रोफेसर राकेश कुमार गुप्ता पर भी मामले को लेकर दबाव पड़ने लगा है। इससे पहले पूर्व संयोजक ने भी दबाव के चलते इस्तीफा दे दिया था। कमेटी के संयोजक ने 14 दिसंबर को सभी को बयान के लिए बुलाया गया है। जांच में आया है कि राशिद मेवाती का असली नाम राशिद खां हैं। इसके अलावा पीड़ित छात्र ने जिन छह छात्रों के नाम बताए हैं, उनके कागजों में असली नाम दूसरे हैं। एक छात्र ने फेसबुक आईडी भी गलत नाम से बना रखी है। बताया जा रहा है कि इनमें से कुछ छात्रों पर सभागार में एक कार्यक्रम में हंगामे की पहले से रिपोर्ट दर्ज है। वंश ने जब रिपोर्ट दर्ज करायी थी तो उसने पुलिस को राशिद मेवाती समेत 10 से 12 छात्रों पर आरोप लगाया था। उसने एक शिकायत और प्राचार्य को दी थी, जिसमें राशिद समेत तीन नाम बताए थे। उसके बाद उसने कमेटी को लिखित शिकायत में छह नाम बताए थे। अब यही नाम पुलिस को बताए हैं। इस मामले में आरोपी छात्र कोर्ट में सरेंडर करने की भी तैयारी कर रहे हैं।
