UP : आजम बोले-हालात ने बहुत कुछ सिखाया, सरकार लिखित में नहीं देती तो वाई श्रेणी सुरक्षा नहीं लेंगे
रामपुर, अमृत विचार। पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खां ने कहा है जब तक सरकार लिखित में नहीं देती तब तक वह वाई श्रेणी की सुरक्षा लेने के लिए तैयार नहीं हैं। कहा कि उन्हें हालात ने बहुत कुछ सिखा दिया है। एक बार विधायक बनने के बाद केंद्र सरकार के कमांडोज मिल गए हैं। इसी तर्ज पर उन्हें भी सुरक्षा दी जाए।
शहर के मोहल्ला मीरबाज खां स्थित अपने आवास पर आजम खां ने पत्रकारों से कहा कि सरकारी जमीनों पर से लोगों के नाजायज कब्जे सरकार ने हटाए उस पर सरकारी इमारतें बनीं और इन इमारतों का सरकार ने अलॉटमेंट किया। जबकि 21 साल की सजा उन्हें हुई और 36 लाख का जुर्माना भी पड़ा। कहा कि वह कैसे ले लें सुरक्षा जब तक उनके पास कोई तहरीर न हो।
कहा कि किसने दी है यह सुरक्षा, मैं कैसे भरोसा करूं कि यह खाकी वर्दी पहने और हथियार लिए हुए लोग उत्तर प्रदेश सरकार के लोग हैं। कहा कि उनके माली हालात इस वक्त ऐसे नहीं हैं कि सिक्योरिटी के लिए कोई सवारी मुहैया करा सकें। कहा कि उन्होंने यह भी मैसेज कराया कि अगर आप सिक्योरिटी दे रहे हैं तो इन्हें बैठाने के लिए उनके पास गाड़ी नहीं है।
कहा कि गाड़ी, तेल ड्राइवर वह सब मुहैया कराएंगे जो अभी तक मुहैया नहीं कराया गया है। कहा कि जब यह नहीं होता और सरकार मुझे यह न बताए कि मुझे सुरक्षा मिली है किस श्रेणी की मिली है। कहा कि सरकार में इस बात पर विचार हो रहा है कि जब मुझे वाई श्रेणी की सुरक्षा मिली थी तब मैं सजायाफ्ता नहीं था। क्योंकि अब मैं मुर्गी चोरी के इल्जाम में 21 साल की सजा पड़ी है और 36 लाख का जुर्माना लगा है। जबकि 113 मुकदमों के फैसले बाकी हैं। कहा कि सजायाफ्ता को सिक्योरिटी नहीं मिलती तो कैसे मान लूं कि जो लोग आए हुए हैं वह कब वापस ले लिए जाएंगे।
अगर उनके पास कोई श्योरिटी नहीं होगी उनके रहने की तो वह कैसे भरोसा करेंगे। कहा कि जो एक बार एमएलए रह लेते हैं और फिर नहीं रहते उनके पास भी दो-दो गनर हैं। कुछ लोगों के पास जेड श्रेणी की सिक्योरिटी है एक बार एमएलए बन जाने के बाद भारत सरकार की सिक्योरिटी है। शहर विधायक का नाम नहीं लेते हुए तंज किया कि हमारे विरोधियों के पास कमांडो हैं। जिन्होंने शहर लूट लिया जिन्होंने लोकतंत्र लूट लिया सारी व्यवस्था लूट ली।
उनके पास केंद्र सरकार के कमांडोज हैं। कहा कि उतनी सुरक्षा उन्हें दी जाए जितनी सुरक्षा उनके विरोधियों के पास है। बताया कि पहरे पर उनके पास एक सुरक्षाकर्मी है। कहा कि वह दिल्ली चेकअप के लिए अकेले जाते हैं, उनके साथ कोई हादसा हो जाए तो क्या फर्क पड़ता है। विधानसभा और लोकसभा में एक-एक कंडोलेंस हो जाएगी और लोग कहेंगे कि मरहूम बहुत अच्छे आदमी थे। कहा कि वह कुछ कह कर भी क्या कर लेंगे बस अपनी टांगे बचाए फिर रहे हैं। कहा कि न जाने किस गली में जिंदगी की शाम हो जाए।
