Diwali 2025: भारतीय वेशभूषा में 5 देशों के कलाकार करेंगे रामलीला...दर्शकों के लिए अलौकिक और अद्भुत दृश्य

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
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अयोध्या, अमृत विचार। रामनगरी में नौवां दीपोत्सव में भारतीय के साथ विदेशी परंपरा भी जुड़ने से यह अंतरराष्ट्रीय ख्याति पर्व बन गया है। दीपोत्सव में 19 अक्टूबर को आयोजित भव्य आयोजन में पांच देशों रूस, थाईलैंड, इंडोनेशिया, नेपाल और श्रीलंका के कलाकार भारतीय वेशभूषा में अपनी -अपनी परंपरा से रामलीला का मंचन करेंगे। इसके लिए विभिन्न देशों के कलाकार मंगलवार को अयोध्या पहुंच गये हैं।

सरयू तट स्थित राम कथा पार्क के अंतरराष्ट्रीय मंच पर भगवान श्री राम का राज्याभिषेक का कार्यक्रम संपन्न होने के बाद रूस, थाईलैंड, इंडोनेशिया, नेपाल और श्रीलंका के कुल 90 कलाकार मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की लीला का अलग-अलग प्रसंग पर मंचन करेंगे। अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की प्रस्तुति में भारतीय वेशभूषा, लाइटिंग और सेट डिजाइन दर्शकों के लिए अलौकिक और अद्भुत दृश्य होगा।

अंतरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान के संस्थान के सलाहकार और विशेष कार्याधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि यह अंतरराष्ट्रीय रामलीला 17 से 20 अक्टूबर तक चलेगी। इस आयोजन का उद्देश्य न केवल रामलीला की परंपरा को जीवंत रखना है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संस्कृति और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को विश्व स्तर पर प्रदर्शित करना है।

विदेशी कलाकार क्या-क्या करेंगे मंचन

-रूस के 15 कलाकार भगवान श्री राम और माता सीता के दिव्य मिलन पर स्वयंवर दृश्य प्रस्तुत करेंगे। इस मंचन में रूस की पारंपरिक रंगमंचीय तकनीक और भारतीय कथा का अनूठा मिश्रण दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देगा।

-थाईलैंड से आए 10 कलाकार रामलीला में शूर्पणखा और राम-लखन संघर्ष, मारीच से संघर्ष और राम-रावण युद्ध का मंचन करेंगे। इन युद्धों के माध्यम से राम और रावण के बीच धर्म और अधर्म की कहानी दर्शकों के सामने प्रस्तुत होगी। थाईलैंड के कलाकारों की पारंपरिक नृत्य-नाट्य शैली इस प्रस्तुति को और भी जीवंत बनाएगी।

-इंडोनेशिया के 10 कलाकार रामलीला में लंका दहन और अयोध्या वापसी के दृश्य को अद्भुत ढंग से प्रस्तुत करेंगे। जो दर्शकों को राम के जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं का अनुभव कराएगी और सांस्कृतिक धरोहर को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाएगी।

-नेपाल से आए 33 कलाकार इस बार रामलीला में पहली बार लक्ष्मण पर शक्ति प्रदर्शन प्रस्तुत करेंगे। इससे पहले नेपाल की रामलीला मुख्य रूप से मां सीता पर केंद्रित होती थी। इस बार की प्रस्तुति अयोध्या में रामलीला के अंतरराष्ट्रीय स्तर को और भी प्रतिष्ठित बनाएगी।

-श्रीलंका से आए 22 कलाकार में से दो कलाकार पहले ही अयोध्या पहुंच चुके हैं। यह टीम रामेश्वर की भूमि पर रावणेश्वरा का दृश्य प्रस्तुत करेगी। श्रीलंका वासी आज भी रावण को ईश्वर की भूमिका में मानते हैं और इस भाव को मंच पर जीवंत रूप से दिखाया जाएगा।

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