MNREGA workers' wages pending: दिवाली पर भी मंडल के पांच लाख श्रमिकों की जेब खाली, 3.58 करोड़ का भुगतान अटका, श्रमिक परेशान
बरेली, अमृत विचार : दिवाली पर भी मंडल के पांच लाख से अधिक मनरेगा श्रमिकों की जेब खाली है।श्रमिकों का साढ़े तीन करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान अटका हुआ है। मनरेगा श्रमिकों को तीन महीने से मेहनताना नहीं मिला है। जबकि नियम है कि श्रमिकों को हर 14 दिन बाद मस्टररोल पूरा होने पर एमआईएस होते ही उनके खाते में मजदूरी पहुंच जाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं होता।
मनरेगा के तहत बरेली में श्रमिकों का 69 लाख, बदायूं में 87 लाख, पीलीभीत में 63 लाख और शाहजहांपुर में 1.39 करोड़ रुपये की मजदूरी बकाया है। दिवाली से पहले खाते में पैसे आने की आस लगाए बैठे इन श्रमिकों के चेहरे अब मुरझा गए हैं। वहीं, मनरेगा के अधिकारी भी इस पर कुछ बोलने से बच रहे हैं। उनका कहना है कि चूंकि भुगतान शासन स्तर से किया जाना है, इसलिए वे कुछ नहीं कर सकते।
एपीओ से लेकर लेकर कंप्यूटर ऑपरेटर भी परेशान
इस योजना के तहत अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी, अकाउंटेंट, तकनीकी सहायक, कंप्यूटर ऑपरेटर और रोजगार सेवक के रूप में कार्यरत कर्मी भी दिवाली पर परेशान हैं। यह लोग विकास खंड से लेकर ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों को संचालित करते हैं। इनको भी जुलाई माह से वेतन नहीं मिला है।
