Bareilly : मिठाई फैक्ट्री के केमिकल युक्त पानी से मरी मछलियां

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Edited By Amrit Vichar
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गोला गोकर्णनाथ, अमृत विचार। कोतवाली क्षेत्र के गांव खंभोंल में अवैध मिठाई फैक्ट्री से निकलने वाले केमिकल युक्त पानी से तालाब में पड़ी 70 हजार रुपये की मछलियां मर गईं। पीड़ित ने कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

कोतवाली क्षेत्र के गांव खम्हौल निवासी रंजीत कुमार पुत्र हुकुमचंद ने पुलिस में दी तहरीर में कहा है कि गांव में मोनू कई वर्षों से अवैध केमिकल युक्त मिठाई बनाने की फैक्ट्री चला रहे हैं। उनकी फैक्ट्री से केमिकल युक्त पानी निकालकर उनके पट्टे के अधीन तालाब में जाता है, जहां वह तालाब में मछली पालन का व्यवसाय करता है। कुछ दिन पूर्व उसने तालाब में 70 हजार रुपये की मछलियां डाली थीं। केमिकल युक्त पानी नालियों से होकर उनके तालाब तक पहुंचता है, जिससे तालाब में सभी मछलियां मर गई हैं और तालाब से दुर्गंध आ रही है। जब वह शिकायत करने गया तो वह गाली गलौज कर फौजदारी पर आमदा हो गया। उसने कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

त्यौहारों में इस फैक्ट्री की केमिकल युक्त मिठाई आसपास के नगर सहित तमाम कस्बे की मिठाई की दुकानों में सप्लाई की जाती है। सिंथेटिक केमिकल युक्त मिठाइयां खाने से लोग बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। फैक्ट्री मालिक मोनू उर्फ महताब मेरठ का बताया जा रहा है। गांव में एक एकड़ से ज्यादा क्षेत्रफल में फैले इस तालाब का पट्टा रंजीत कुमार के नाम है, जिसका लगान का पैसा भी सरकार के राजस्व में जमा होता है। गांव में किराए के मकान में बिना किसी नाम व बिना कोई खाद्य सुरक्षा मानकों के मिठाई फैक्ट्री संचालित हो रही है। फैक्ट्री से निकलने वाले दुर्गंध युक्त गन्दा पानी नाली से निकलता है, जिससे आसपास के लोग भी दुर्गंध से परेशान होते हैं। रंजीत ने तालाब में 70 हजार रुपये के मछलियों के बच्चे डाले थे। फैक्ट्री से निकले दूषित पानी के चलते उनकी मछलियां मर गई हैं। तालाब का पानी कैमिकल की वजह से जहरीला व दूषित हो चुका है। मत्स्य पालक किसान ने विपक्षी से इस बारे मे शिकायत की तो फैक्ट्री संचालक गाली-गलौज व फौजदारी पर आमादा हो गया। पीड़ित किसान ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर भी कार्यवाही को लेकर शिकायत की और बुधवार को कोतवाली में प्रार्थना पत्र देकर कार्यवाही करने की मांग की है।

गांव के ही महेंद्र कुमार ने बताया कि फैक्ट्री का न तो कोई वैद्य लाइसेंस है और न ही रजिस्ट्रेशन। यह अवैध रूप से संचालित मिठाई कारखाना है। इस कारखाने से निकले पानी के साथ कीड़े भी निकलते हैं और घरों में आते हैं। बच्चे बीमार होते हैं कोई सुनने वाला नहीं है। लोगों का कहना है या तो लाइसेंस बनवाकर गुणवत्तायुक्त दुग्ध उत्पादों से मिठाई बनाये, या फिर इस फैक्ट्री को गांव के बाहर ले जाए। गांव निवासी जगदीश कुमार ने बताया यहां गंदगी के चलते सड़े मांस जैसी दुर्गंध आती है, जिससे रहना दूभर हो गया है। जसकरन लाल ने बताया नालियों से कीड़े निकलकर घरों में घुसते हैं। लोग बहुत ही परेशान हैं। समस्या का निदान करने वाला कोई नहीं है। कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध कारखाने पर खाद्य सुरक्षा विभाग, जिला प्रशासन मौन है, जिससे ग्रामवासी दूषित माहौल में जीने को मजबूर हैं।

 

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